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कौन हैं IPS सुनील नायक? जिन्हें गिरफ्तार करने आंध्र प्रदेश से बिहार पहुंची पुलिस, कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड से किया इनकार

बिहार कैडर के 2005 बैच के IPS ऑफिसर एम. सुनील कुमार नायक की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को पटना में हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ। आंध्र प्रदेश पुलिस IPS ऑफिसर को गिरफ्तार करने तो पहुंची, लेकिन कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड के लिए उनकी रिक्वेस्ट खारिज कर दी।
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पटना

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Anand Shekhar

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Updated: 23 Feb 2026, 2:13 PM IST

IPS Sunil Nayak, IPS सुनील नायक, bihar news

IPS Sunil Nayak, IG Bihar Fire Service (Photo- Patrika)

IPS Sunil Nayak: पटना के शास्त्री नगर में सोमवार सुबह अचानक हलचल तेज हो गई। आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम बिहार कैडर के सीनियर IPS ऑफिसर एम. सुनील नायक के घर पहुंची। लोकल पुलिस की मौजूदगी में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और पूछताछ शुरू हुई। उन पर पूर्व सांसद और वर्तमान टीडीपी विधायक के. रघुराम कृष्ण राजू को हिरासत में टॉर्चर करने और हत्या की कोशिश (इंडियन पीनल कोड का सेक्शन 307) के गंभीर आरोप हैं।

कौन हैं IPS सुनील नायक?

IPS एम. सुनील नायक 2005 बैच के इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) ऑफिसर हैं। वे मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं लेकिन बिहार कैडर के हैं। वे अभी बिहार में फायर ब्रिगेड के IG के पद पर पोस्टेड हैं।

अपने करियर के दौरान, वे सेंट्रल डेप्युटेशन पर भी रहे हैं और CRPF और CISF में भी काम कर चुके हैं। 2019 में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर आंध्र प्रदेश में प्रतिनियुक्ति ली, जहां वे सीआईडी में डीआईजी के पद पर तैनात रहे। इस दौरान, वे जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान कई सेंसिटिव केस की इन्वेस्टिगेशन में शामिल रहे। उनके काम करने का तरीका सख्त और डिसिप्लिन्ड माना जाता है।

अपनी तीन साल की सेंट्रल डेप्युटेशन पूरी करने के बाद, वे 2024 में बिहार लौटे और अभी IG (फायर ब्रिगेड) के तौर पर पोस्टेड हैं।

क्यों अरेस्ट करने आई थी आंध्र पुलिस?

पूरा केस मई 2021 का है, जब सुनील नायक आंध्र प्रदेश CID में पोस्टेड थे। उस समय, आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू को CID ने अरेस्ट किया था। राजू पर उस समय के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी, YSR कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप था।

पूर्व सांसद का आरोप है कि अरेस्ट से कुछ हफ्ते पहले ही उनकी ओपन-हार्ट सर्जरी हुई थी, फिर भी उन्हें घसीटकर कस्टडी में ले जाया गया और बुरी तरह पीटा गया। उन्होंने दावा किया कि सुनील नायक और दूसरे अधिकारियों ने उस समय के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के कहने पर उनकी हत्या की साज़िश रची थी।

FIR और कानूनी कार्रवाई

2023 में सत्ता बदलने के बाद, पूर्व MP की शिकायत के आधार पर जगन रेड्डी, IPS सुनील नायक और दूसरे पुलिस अधिकारियों समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। बताया जाता है कि जांच अधिकारी ने सुनील नायक को पूछताछ के लिए दो नोटिस भेजे, लेकिन वह तय तारीखों पर पेश नहीं हुए। अब, उनकी जमानत रद्द होने के बाद, आंध्र प्रदेश पुलिस पटना पहुंची थी।

रिमांड रिक्वेस्ट खारिज

आंध्र प्रदेश पुलिस IPS अधिकारी को गिरफ्तार करने पहुंची लेकिन खाली हाथ लौट आई। मामले की सुनवाई ACJM-9 कोर्ट में हुई, जहां कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आंध्र पुलिस के पास न तो अरेस्ट वारंट है और न ही अपडेटेड केस डायरी। ठोस डॉक्यूमेंट्स न होने पर, कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड की रिक्वेस्ट को साफ तौर पर खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने बिना यूनिफॉर्म के पहुंचे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने आंध्र पुलिस के तीन कर्मचारियों और दूसरे अधिकारियों को कोर्ट रूम में बैठा दिया।

होम गार्ड के कर्मचारियों ने किया जोरदार विरोध

इस बीच, जैसे ही IG सुनील नायक की गिरफ्तारी की खबर फैली, बड़ी संख्या में होम गार्ड के कर्मचारी शास्त्री नगर में उनके सरकारी घर पर जमा हो गए। उन्होंने आंध्र पुलिस पर नियमों का उल्लंघन करने और एक सीनियर अधिकारी को परेशान करने का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध किया। मौके पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, और लोकल पुलिस मौजूद थी।

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