
सहरसा पुलिस
Bihar News:बिहार के सहरसा जिले के बनमा इटहरी थाना इलाके के हशहरी गांव में एक 20 साल की लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरा इलाका सदमे में है। परिवार वालों का कहना है कि लड़की अपने होने वाले पति का "लौंडा डांस" करते हुए वीडियो देखने के बाद से मानसिक तनाव में थी। शादी तय हो चुकी थी, लेकिन कुछ दिनों पहले सामने आए इस सच ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया था।
यह घटना हशहरी गांव के वार्ड नंबर 17 में हुई। मृतका की पहचान माहेश्वरी मंडल की 20 साल की बेटी पार्वती कुमारी के रूप में हुई है। पार्वती का गांव के ही एक युवक पांडव कुमार के साथ जनवरी 2025 से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। शुरू में उनके परिवार वालों ने एतराज जताया, लेकिन बाद में उनका प्यार देखकर वे शादी के लिए मान गए। दोनों की शादी अगस्त 2026 में होनी थी, लेकिन शादी की शहनाई बजने से पहले ही परिवार में मातम छा गया।
पार्वती के भाई, गणेश कुमार ने बताया कि पांडव पेशे से एक डांसर था। वह शादियों और दूसरे इवेंट्स में लड़की बनकर डांस करता था, जिससे उसका परिवार चलता था। पार्वती को हाल ही में पांडव के डांस का एक वीडियो और कुछ तस्वीरें मिलीं। उसे यह जानकर बहुत झटका लगा कि उसका होने वाला पति पब्लिक में लड़की बनकर डांस करता था और उसे इसमें मजा भी आता था। पार्वती पिछले कुछ दिनों से बहुत स्ट्रेस में थी।
दोपहर के वक्त जब पार्वती का भाई गणेश सत्संग में गया था और उसकी मां और भाभी खेत में गई हुई थी, तो पार्वती घर पर अकेली थी और उसने उसी वक्त फांसी लगा ली। गणेश के अनुसार शाम करीब 6 बजे जब घर की महिलाएं लौटीं, तो कमरे का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पार्वती रसोई में रखे सीढ़ी के सहारे छज्जे पर चढ़ी थी और मां की साड़ी का फंदा बनाकर उससे झूल गई थी।
घटना के बाद, परेशान परिवार ने जल्दी से बॉडी को फंदे से उतारा और पुलिस को बताए बिना अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। जैसे ही परिवार बॉडी लेकर श्मशान घाट के लिए निकलने वाला था, किसी ने पुलिस को खबर कर दी। बनमा इटहरी पुलिस स्टेशन ऑफिसर खुशबू कुमारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं, बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए FSL टीम को भी बुलाया है। पुलिस ने मौके से फंदा, किचन की सीढ़ी और दूसरे सैंपल इकट्ठा किए हैं। पुलिस स्टेशन ऑफिसर ने बताया कि परिवार ने सुसाइड का दावा किया है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की पूरी जांच कर रही है, जिसमें प्रेम प्रसंग और सामाजिक प्रतिष्ठा शामिल है।
लौंडा नाच मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश की एक पारंपरिक लोक कला है, जिसमें पुरुष कलाकार महिलाओं के कपड़े, गहने और मेकअप पहनकर परफॉर्म करते हैं। पुराने समय में, जब महिलाओं को स्टेज पर आने से मना किया जाता था, तो पुरुषों ने मनोरंजन करने और सामाजिक संदेश फैलाने के लिए महिलाओं की नकल करके इस कला को जिंदा रखा। भिखारी ठाकुर, जिन्हें "बिहार का शेक्सपियर" कहा जाता है, ने इसे दुनिया भर में पहचान दिलाई। हालांकि, आज इसे अक्सर घटिया मनोरंजन या अश्लीलता से जोड़ा जाता है।
Published on:
23 Feb 2026 12:08 pm
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