बिहार का उदाहरण देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने पिछले पाँच वर्षों में करीब 50 लाख लोगों को सरकारी नौकरियाँ और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में अब बिहार की सफलताओं की गूंज सुनाई देने लगी है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को हावड़ा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बंगाल के युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने ‘बिहार मॉडल’ की तर्ज पर राज्य के नवनिर्माण का रोडमैप पेश किया और लोगों से पश्चिम बंगाल को फिर से ‘सोनार बंगाल’ बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने की अपील की।
हावड़ा की रैली में सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 26,000 सरकारी नौकरियों से जुड़ा एक बड़ा घोटाला हुआ है, जिसने युवाओं के हक के अवसर छीन लिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि 8,000 सरकारी स्कूल, जहाँ बंगाली बच्चे पढ़ते थे, बंद कर दिए गए, जबकि मदरसों को चालू रखा गया।
अपनी सभा में बिहार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में बिहार सरकार ने करीब 50 लाख लोगों को सरकारी नौकरियाँ और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसी तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की पहल की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य के लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ दिया जाएगा और 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह सभी काम केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है, इसलिए भाजपा को समर्थन दें।
"सम्राट चौधरी ने ज़ोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी घुसपैठियों को बाहर निकालने, लोकतंत्र को मजबूत करने और बंगाली पहचान व गौरव को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ममता बनर्जी के ‘बाहरी बनाम भीतरी’ नारे को महज़ एक राजनीतिक हथकंडा बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री कोई बाहरी नहीं, बल्कि राज्य का ही बेटा या बेटी होगा। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है, जिसके कारण राज्य में अराजकता का माहौल बना हुआ है।
सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के तहत ‘ममता दीदी’ बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं और घुसपैठ को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का विरोध कर रही हैं और घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं। चौधरी ने कहा कि जिस तरह बिहार में मतदाता सूची से घुसपैठियों को हटाने का अभियान चलाया गया, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।