
Lower Cholesterol Naturally: अनियमित खान-पान और आजकल बढ़ते तनाव एवं खराब लाइफ स्टाइल के कारण कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हाई कोलेस्ट्रॉल न सिर्फ हार्ट हेल्थ को प्रभावित करता है बल्कि ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ा देता है। ऐसे में आयुर्वेद हमें प्राकृतिक समाधान प्रदान करता है। आयुर्वेदिक जड़ें न केवल शरीर को भीतर से मजबूत बनाती हैं, बल्कि बिना किसी साइड इफेक्ट के कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने में मददगार होती हैं।
आइए जानते हैं आयुर्वेदिक डॉ भगवत स्वरूप शर्मा उन 5 प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ों के बारे में जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने और दिल को मजबूत रखने में सहायक मानी जाती हैं।
अश्वगंधा की जड़ें, जिन्हें विथानिया सोम्नीफेरा भी कहा जाता है, आयुर्वेद में दशकों से एक औषधीय पौधे के रूप में उपयोग की जाती रही हैं। यह तनाव कम करने के लिए एक प्रसिद्ध पौधा है, जो अप्रत्यक्ष रूप से हार्ट हेल्थ को भी लाभ पहुंचा सकता है। चिंता और प्रजनन संबंधी समस्याओं सहित कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए अश्वगंधा की जड़ों का अर्क या चूर्ण के रूप में उपयोग करें।
मुलेठी एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो ज्यादातर पश्चिमी एशिया, तुर्की और ग्रीस में पाई जाती है। इसकी सूखी जड़ें और तने दवाई के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, अगर हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग एक महीने तक मुलेठी की जड़ का अर्क (extract) लें, तो उनके शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल करीब 5% तक कम हो सकता है। साथ ही, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) लगभग 9% तक घट सकता है और ब्लड प्रेशर भी 10% तक कम हो सकता है।
जटामांसी, जिसे आयुर्वेद में तपस्वनी भी कहा जाता है, संज्ञानात्मक कार्य, चिंता और अनिद्रा जैसी बीमारियों के इलाज के लिए एक लोकप्रिय औषधीय पौधा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जटामांसी अपने हाइपोलिपिडेमिक गुणों के कारण कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी बहुत प्रभावी है, यह एक ऐसा पदार्थ है जो ब्लड में लिपिड के स्तर को स्वाभाविक रूप से कम करता है।
आयुर्वेद में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने की एक और पारंपरिक औषधि शंखपुष्पी की जड़ें हैं। यह जड़ अपने मजबूत एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए लोकप्रिय है जो हार्ट की मांसपेशियों को मजबूत कर सकती है और ब्लड वेसल्स में लिपिड के जमाव को नियंत्रित कर सकती है।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और यह किसी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी दवा या उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।