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जनगणना 2027 में बिलासपुर ने रचा इतिहास, दिव्यांग कर्मचारी के जज्बे को कलेक्टर ने किया सलाम, जानें प्रेरणादायक कहानी

Census 2027: बिलासपुर में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना कार्य में जिला प्रदेशभर में अग्रणी बनकर उभरा है।

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दिव्यांग कर्मचारी के जज्बे को कलेक्टर ने किया सलाम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Census 2027: जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ में बिलासपुर जिले ने ऐसा इतिहास रचा है, जिसकी चर्चा अब पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही है। तेज गति, सटीक सर्वे और कर्मचारियों की मेहनत के दम पर बिलासपुर ने प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। खास बात यह रही कि इस उपलब्धि के पीछे सिर्फ प्रशासनिक तैयारी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों का समर्पण, जिम्मेदारी और सेवा भावना भी देखने को मिली।

इसी कड़ी में एक दिव्यांग कर्मचारी की प्रेरणादायक कहानी ने सभी का दिल जीत लिया। अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर उन्होंने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, उससे पूरा सभागार भावुक हो उठा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी मंच से उनके जज्बे को सलाम किया।

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प्रदेश में नंबर-1 बना बिलासपुर

प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर जिले में 100 प्रतिशत हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) में जनगणना कार्य शुरू हो चुका है। इतना ही नहीं, लगभग 18 प्रतिशत एचएलबी में सर्वे कार्य पूरा भी कर लिया गया है। यही वजह है कि बिलासपुर जनगणना 2027 के पहले चरण में पूरे छत्तीसगढ़ में अग्रणी जिले के रूप में उभरा है।

शुक्रवार को मंथन सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों और सुपरवाइजरों को सम्मानित किया गया। जिले के सभी 26 जनगणना चार्ज से बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडीएम एवं जिला जनगणना अधिकारी शिव कुमार बनर्जी, सहायक जिला जनगणना अधिकारी झील जायसवाल समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

दिव्यांग कर्मचारी की इच्छाशक्ति बनी मिसाल

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल तब आया, जब जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय में पदस्थ सहायक सांख्यिकी अधिकारी दीपक कुमार तिवारी को मंच पर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) होने के बावजूद उन्होंने स्वयं जनगणना ड्यूटी में शामिल होने की इच्छा जताई थी।

उन्हें नगर निगम जोन क्रमांक-1 में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित शारीरिक क्षमता के बावजूद उन्होंने पूरी मेहनत, ईमानदारी और उत्साह के साथ जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्य और समर्पण को देखकर कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो उठे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी मंच से उनके जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कर्मचारी प्रशासन की असली ताकत हैं।

मल्हार नगर पंचायत ने बनाया रिकॉर्ड

जनगणना कार्य में नगर पंचायत मल्हार ने भी नया रिकॉर्ड कायम किया है। यहां के सीएमओ अनुभव सिंह के नेतृत्व में सभी 22 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक का काम मात्र पांच दिनों में 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया। इतनी तेज गति से कार्य पूर्ण होने पर मल्हार नगर पंचायत को प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट कार्यों में शामिल माना जा रहा है।

वहीं बिलासपुर तहसील में भी तेजी से प्रगति दर्ज की गई है। तहसीलदार प्रकाश चंद्र साहू के नेतृत्व में लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे बिलासपुर तहसील प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है।

महिला कर्मचारियों ने भी दिखाई शानदार कार्यक्षमता

जनगणना कार्य में महिला कर्मचारियों ने भी अपनी मेहनत और दक्षता से अलग पहचान बनाई। गंगोत्री साहू के कार्यों की अधिकारियों ने विशेष प्रशंसा की। बताया गया कि उन्होंने बेहद व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से सर्वे कार्य को पूरा किया। उन्हें जिले की सबसे बेहतर कार्य करने वाली महिला कर्मचारी के रूप में सराहा गया।

पांच दिनों में सैकड़ों मकानों का सर्वे

सम्मानित प्रगणकों में नगर पंचायत बोदरी के आशुतोष पांडे ने 329 मकानों का सूचीकरण कर सबसे अधिक कार्य करने वालों में जगह बनाई। इसके अलावा तहसील सकरी के संदीप ठाकुर ने 272, बेलतरा के गोपीचंद राज ने 266, सीपत के तरुण जायसवाल ने 262 मकानों का सर्वे पूरा किया।

बिलासपुर तहसील की आशा डेहरिया ने 278 और आशीष पांडे ने 249 मकानों का सूचीकरण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। मस्तूरी, पचपेड़ी, रतनपुर, तखतपुर, बिल्हा, बोदरी और नगर निगम के विभिन्न जोनों में भी प्रगणकों ने तेजी से सर्वे कार्य कर प्रशासन की उम्मीदों पर खरा उतरने का काम किया।

कर्मचारियों की मेहनत से बढ़ा बिलासपुर का मान

जनगणना जैसे बड़े और चुनौतीपूर्ण कार्य में बिलासपुर जिले की यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों की मेहनत, अनुशासन और सेवा भावना की कहानी भी है। खासकर दीपक कुमार तिवारी जैसे कर्मचारियों ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। यही वजह है कि आज बिलासपुर की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है।

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Published on:
10 May 2026 03:48 pm
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