Sex ratio at birth in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लिंगानुपात और जन्मदर में कमी दर्ज की गई जबकि मृत्यु दर में इजाफा हुआ है। वर्ष 2020 में 1000 लड़कों पर 933 लड़कियां पैदा हो रही थीं अब यह घटकर 920 रह गई है
Sex ratio at birth in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जन्म के समय लिंगानुपात में कोविड महामारी के बाद से गिरावट जारी है। आर्थिक और सांख्यिकी निदेशालय और दिल्ली सरकार के मुख्य रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 2023 में 922 से घटकर 2024 में 920 रह गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में यह आंकड़ा 933 था।
Births and Deaths ratio in Delhi: दिल्ली में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण पर वार्षिक रिपोर्ट 2024 में यह बताया गया है कि लड़कों के मुकाबले लड़कियों का जन्मदर गिरता जा रहा है। रिपोर्ट में चिंताजनक बात यह सामने आई है कि मृत्यु दर में इजाफा हुआ है।
लिंगानुपात किसी समाज में लैंगिक समानता (Gender equality) का एक सामाजिक संकेतक है। एक हजार शिशुओं के जन्म में कितने बाल और कितनी बालिकाओं का जन्म हुआ, इस जानकारी से उस राज्य या समाज में लैंगिक समानता है या नहीं?
Death rates have risen in Delhi: राजधानी दिल्ली में जन्म दर में लगातार गिरावट जारी है जबकि मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। दिल्ली में जन्म दर 2023 में 14.66 प्रति हज़ार जनसंख्या से घटकर 2024 में 14 हो गई। वहीं प्रति हज़ार जनसंख्या पर मृत्यु दर 2023 में 6.16 से बढ़कर 2024 में 6.37 हो जाएगी। घटती जन्म दर का मतलब है कि प्रति 1,000 लोगों पर हर साल कम बच्चे पैदा हो रहे हैं जबकि बढ़ती मृत्यु दर का मतलब है कि प्रति 1,000 लोगों पर हर साल ज़्यादा लोग मर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में हुए कुल जन्मों में से 2,94,464 (96.09%) संस्थागत डिलीवरी हुई जबकि 11,995 (3.91%) बच्चों का जन्म घर पर ही हुआ।
राजधानी के बारे इस रिपोर्ट के अनुसार प्रसव के समय मां की आयु-वर्ग का विश्लेषण करने पर पता चला कि अधिकतम (36.98%) मामलों में मां की उम्र 25-29 वर्ष थी जबकि उसके बाद 27.11% मामलों में 20-24 वर्ष की आयु थी। वहीं 24.57% मामलों में मां की आयु 30-34 वर्ष थी। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2.57% मामलों में मां की आयु 19 वर्ष या उससे भी कम थी।
Sex ratio at birth in India: भारत में जन्म के समय लिंगानुपात एनएफएचएस सर्वेक्षण (वर्ष 2019-21) और 2022-23 के सरकारी रिपोर्ट के अनुसार प्रति 1,000 बालकों पर लगभग 929 से 933 बालिकाओं का जन्म दर पहुंच गया था। जन्म के समय लिंगानुपात में एक प्रतिशत की गिरावट का मतलब है लगभग 1,800 महिलाओं की कमी आना होता है। भारत की अनुमानित जन्म दर 2023 में लगभग 18.4 प्रति 1,000 व्यक्ति थी जबकि 2022 में 19.1 थी। वहीं भारत में 2023 में अनुमानित मृत्यु दर 6.4 प्रति 1,000 व्यक्ति थी। प्यू रिसर्च सेंटर और एनएफएचएच की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 2023 में प्रति महिला जन्म दर 1.2 और राष्ट्रीय स्तर पर यह 2.1 थी। वहीं इस रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में प्रति मुस्लिम महिला जन्म दर 2.04 था।