
अजय फाटक, डॉ. अर्जुन राज की फाइल फोटो | Photo - Patrika/ Gemini AI
India Bans Nimesulide above 100mg :सिर दर्द, कमर दर्द या घुटनों का दर्द… हर दर्द में हम खुद डॉक्टर बनकर दवा ले लेते हैं। पर, ऐसा करना बेहद खतरनाक है। इसलिए, दर्द की दवा निमेसुलाइड (सभी ओरल फॉर्मूलेशन) को तत्काल प्रभाव से सरकार ने देशभर में बैन कर दिया है। अब 100mg से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड दवा (टैबलेट) नहीं मिलेगी। पेन किलर निमेसुलाइड बैन (Nimesulide Banned In India) को लेकर 'पत्रिका' के रवि कुमार गुप्ता की बातचीत अजय फाटक (ड्रग कंट्रोलर, राजस्थान), डॉ. संदीप जोशी (चिकित्सा अधिकारी) और डॉ. अर्जुन राज (आयुर्वेदिक) से बातचीत हुई है।
निमेसुलाइड बैन को लेकर कई सवाल हैं जो आम लोगों के मन में उठ सकते हैं। हमने अलग-अलग एक्सपर्ट्स से कई सवाल पूछे हैं। आप स्टोरी में निम्नलिखित सवालों के जवाब जानेंगे-
अजय फाटक (ड्रग कंट्रोलर, राजस्थान) ने कहा, "जैसा कि सरकार की ओर से बताया गया है निमेसुलाइड का हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। खासकर, लिवर पर इसका असर देखने को मिलता है। इसलिए, सरकार की ओर से बैन करने का निर्णय लिया गया। ये कदम आम आदमी के हेल्थ को ध्यान में रखकर लिया गया है।"
अजय कहते हैं, सरकार ने तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है। इसलिए, हमारी ड्रग कंट्रोलर टीम ने बिना देरी किए संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को पालन करने का आदेश जारी किया। टीम इस पर काम कर रही है। साथ ही दवा कंपनियों से लेकर विक्रेताओं तक जानकारी दे दी गई है ताकि बैन को प्रभावी बनाया जा सके।
अजय कहते हैं कि बिल्कुल गलत दवाओं का बैन करना जरूरी है। इसे प्रभावी बनाने के लिए हम काम कर रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया के दौर में सूचना फैलाना आसान हो गया है। इसलिए, आजकल ये काम और भी अच्छी तरह हो रहा है। मीडिया के अलावा कुछ जागरूक नागरिक भी हमें उन लोगों की जानकारी देते हैं जो बैन को जाने-अनजाने फॉलो नहीं कर रहे हैं तो हमारी टीम वहां पहुंच कर कानूनी एक्शन लेती है। ऐसे में गलत दवाओं को बैन करना जरूरी है और असरदार बनाने के लिए हम और आप काम कर रहे हैं।
भारत का पेन रिलीफ का मार्केट रॉकेट की तरह बढ़ रहा है। पिछले कुछ माह में हेल्थ रिसर्च रिपोर्टों में इस बात को लेकर काफी चर्चा रही है।
निमेसुलाइड के अलावा और कौन सी दवाएं भी लिवर या सेहत पर असर डालती हैं?
निमेसुलाइड, पेरासिटामोल के अलावा ऐसी कई सामान्य दर्द निवारक और अन्य दवाएं हैं, जिनका बिना डॉक्टरी सलाह के या लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर, किडनी और पेट पर गंभीर असर पड़ सकता है-
डॉ. संदीप जोशी (चिकित्सा अधिकारी) ने बताया कि निमेसुलाइड को खुद से लेना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। सरकार ने भी बताया कि वो किस तरह से लिवर और किडनी पर बुरा असर डालती हैं। इस हिसाब से निमेसुलाइड जैसे पेनकिलर नहीं खाने चाहिए।
डॉ. संदीप कहते हैं, पेन किलर सूजन, चोट, घाव आदि परिस्थितियों में दिया जाता है। पहले दर्द के लक्षण को समझना होता है तब ही सही दवा दी जा सकती है।
डॉ. संदीप कहते हैं, शोध में ये बात सामने आ चुकी है कि दर्द की दवाएं किडनी पर असर डालती हैं। अगर बहुत जरूरी नहीं है तो ना लें। अगर फिर भी कोई ले रहा है तो 3 दिन, दिन में 2 बार से ज्यादा ना ले। हमेशा मेरी सलाह रहती है कि दर्द की दवा डॉक्टर से पूछकर ही खरीदें।
ऐसे पेनकिलर जो बिना डॉक्टरी सलाह के ले सकते हैं और किन दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं ले सकते?
डॉ. संदीप ने बताया सामान्यत: सभी प्रकार के पेनकिलर डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए। अगर बहुत जरूरी हो तो सिर्फ पैरासिटामोल ही खुद से एक दो डोज ले सकते हैं। हालांकि, खुद से किसी भी दवा को लेने की सलाह मैं नहीं देता हूं।
डॉ. अर्जुन राज ने बताया कि दर्द के लिए आयुर्वेद में सुरक्षित इलाज है। आयुर्वेद में दर्द का इलाज तेल और नेचुरल तरीके से किया जाता है। इसलिए, साइड इफेक्ट का खतरा नहीं होता है! वात, पित्त, कफ के अनुसार आयुर्वेद में इलाज व्यक्तिगत किया जाता है।
डॉ. अर्जुन ने ये भी बताया कि दर्द का इलाज आयुर्वेद से कराने पर तभी फायदा मिलता है जब आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सा की देख-रेख में इलाज कराते हैं। खुद से इलाज कराने पर इससे भले नुकसान ना हो लेकिन फायदा भी नहीं मिल पाता है।
Published on:
02 Jan 2026 09:00 am
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