
Balod Drone Didi: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आधुनिक तकनीक खेती के साथ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का जरिया बन रही है। जिले की चित्ररेखा साहू नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। वे ड्रोन के जरिए किसानों के खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव करती हैं। इससे उन्हें रोजगार के साथ बेहतर आय भी मिल रही है। ड्रोन दीदी बनने के बाद चित्ररेखा ने स्कूटी खरीदी, घर का निर्माण पूरा कराया और अब अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
चित्ररेखा साहू अब किसानों के बीच ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से अपनी पहचान बना चुकी हैं। आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़कर वे खेतों में ड्रोन के जरिए नैनो उर्वरकों का छिड़काव करती हैं। इससे किसानों को कम समय में खेतों में आवश्यक कृषि सामग्री के छिड़काव की सुविधा मिलती है।
ड्रोन संचालन के काम ने चित्ररेखा को रोजगार के साथ-साथ समाज में एक अलग पहचान भी दी है। उनका कहना है कि ड्रोन दीदी बनने के बाद उन्हें अपने काम पर गर्व महसूस होता है और लोग भी उन्हें सम्मान के साथ ड्रोन दीदी के नाम से जानते हैं।
चित्ररेखा के लिए ड्रोन दीदी योजना केवल रोजगार का माध्यम नहीं बनी, बल्कि इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है। उन्होंने बताया कि बेहतर आय होने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने लिए स्कूटी खरीदी। इसके बाद घर का अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराया।
अब उनकी प्राथमिकता अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से उन्हें बेटी के भविष्य को लेकर भी नए सपने देखने का अवसर मिला है। चित्ररेखा की यह यात्रा ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
चित्ररेखा का कहना है कि सरकार की विभिन्न योजनाएं महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना को भी महिलाओं के लिए उपयोगी बताया। उनके अनुसार योजना के तहत मिलने वाली राशि से महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने में आर्थिक सहारा मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के हित और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
चित्ररेखा की कहानी बताती है कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल केवल किसानों की सुविधा तक सीमित नहीं है। ड्रोन जैसी तकनीक ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा कर रही है। नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर चित्ररेखा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने में भी योगदान दे रही हैं।