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रायपुर में उज्ज्वला योजना पर सवाल! च्वाइस सेंटर से मिले 14 गैस कार्ड, जांच रिपोर्ट अब तक गायब

LPG Cylinder Scam: रायपुर के चंगोराभाठा में च्वाइस सेंटर से 14 उज्ज्वला गैस कार्ड और एक दर्जन से अधिक सिलेंडर बरामद हुए थे। दो महीने बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होने से खाद्य विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।
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Ujjwala Yojana Scam

Ujjwala Yojana Scam: रायपुर में उज्ज्वला योजना पर सवाल!(photo-patrika))

Ujjwala Yojana Scam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में उज्ज्वला योजना के तहत गरीब हितग्राहियों को मिलने वाले गैस सिलेंडरों के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। चंगोराभाठा स्थित एक च्वाइस सेंटर पर करीब दो महीने पहले हुई छापेमारी में 14 उज्ज्वला गैस कार्ड और एक दर्जन से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे। आरोप है कि सेंटर संचालक हितग्राहियों के गैस कार्ड अपने पास रखकर उनके नाम पर सिलेंडर लेता था और बाद में उन्हें अधिक कीमत पर बाजार में बेच देता था। कार्रवाई के बाद भी अब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

LPG Gas Cylinder Black Marketing: गरीब हितग्राहियों के कार्ड रखकर सिलेंडर लेने का आरोप

जांच के दौरान आरोप सामने आया कि च्वाइस सेंटर संचालक कई गरीब हितग्राहियों के उज्ज्वला गैस कार्ड अपने पास रखता था। इसके बाद उन्हीं कार्ड के आधार पर गैस सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी कराई जाती थी। संबंधित हितग्राहियों को इसकी जानकारी तक नहीं होने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि सिलेंडर मिलने के बाद उन्हें कथित तौर पर बाजार में अधिक कीमत पर बेच दिया जाता था। मामले में राशन दुकान संचालक की भूमिका की भी जांच की मांग की जा रही है।

छापेमारी के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

करीब दो महीने पहले खाद्य निरीक्षक वीणा किरण साहू के नेतृत्व में टीम ने च्वाइस सेंटर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान गैस कार्ड और बड़ी संख्या में सिलेंडर बरामद किए गए थे। हालांकि, आरोप है कि छापेमारी के बाद विभाग ने केवल औपचारिक कार्रवाई की और संचालक के खिलाफ अब तक कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इतने गंभीर मामले में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

कई गैस एजेंसियों से सांठगांठ की आशंका

छापेमारी में अलग-अलग कंपनियों के गैस सिलेंडर मिलने के बाद च्वाइस सेंटर संचालक के कई गैस एजेंसियों से संपर्क या सांठगांठ की आशंका भी जताई जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यह भी जांच की जाए कि अलग-अलग हितग्राहियों के गैस कार्ड सेंटर संचालक तक कैसे पहुंचे। इसके अलावा संबंधित कार्डों से सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और भुगतान का रिकॉर्ड भी खंगालने की मांग की गई है।

चार महीने बाद भी दूसरे मामले में कार्रवाई नहीं

इसी तरह कुशालपुर चौक स्थित हरिओम बर्तन दुकान पर भी करीब चार महीने पहले खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की थी। यहां से पांच बड़े और दो छोटे गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे। आरोप है कि इस मामले में भी कागजी कार्रवाई के बाद आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दोनों मामलों को लेकर अब विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।

जांच के बाद FIR की तैयारी

मामला अपर कलेक्टर तक पहुंचने के बाद अब कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है। रायपुर के अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा कि दोनों मामले संज्ञान में आए हैं और खाद्य नियंत्रक से पूरी जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद मामले में FIR दर्ज कराई जाएगी। अब देखना होगा कि जांच में उज्ज्वला गैस कार्ड और सिलेंडरों के कथित दुरुपयोग के आरोप कितने सही साबित होते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।