
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (photo Patrika)
IGKV Paper Leak: अनुराग सिंह की रिपोर्ट. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था फेल होने और पेपर लीक के बाद से बदलाव किए जा रहे हैं। वहीं, विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारियों के अनुसार प्रश्नपत्र सेटिंग भले ही बाहर से कराई जाती है, लेकिन उसकी छपाई से लेकर कॉलेजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया विश्वविद्यालय के नियंत्रण में रहती है।
प्रश्नपत्र कॉलेज पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित कस्टडी में रखना प्राचार्य की जिम्मेदारी होती है। लेकिन पेपर लीक होने पर यहां कॉलेज की लापरवाही साफ दिखाई देती है। जो प्रश्न-पत्र को कोई अपने साथ घर तक ले गया। अब विश्वविद्यालय की ओर से प्रश्न-पत्र आधा घंटा पहले कॉलेज तक ईमेल से भेजा जा रहा है।
कृषि विश्वविद्यालय के एक पूर्व अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि विश्वविद्यालय में परीक्षा में पेपर को लेकर काफी सावधानी बरती जाती है। पेपर की पूरी छपाई विश्वविद्यालय अपने कंट्रोल में रखकर करता है। कहीं जाना नहीं होता है। पेपर सेट बाहर से होता है। उसके बाद ईमेल या लिफाफे में कैंपस आता है। सेट पेपर आने के बाद इंचार्ज के सामने मॉडरेशन होता है। फिर जब परीक्षा के लिए कॉलेजों को पेपर लेने आते है उसके एक दिन पहले ही पेपर ही छपाई शुरू होती है।
कैंपस में ही फास्ट स्कैनिंग मशीन है जिसमें प्रिंट निकाला जाता है। पेपर प्रिंट होने के बाद उसे कॉलेज के अनुुसार लिफाफे में पैक किया जाता है। लिफाफा सेल्फ पैक्ड होता है खोलते ही पता चल जाता है। लिफाफे को सीलिंग भी की जाती है। कॉलेज वालों को भी एक साथ सभी पेपर नहीं दिया जाता है। पहले दो या तीन पेपर के लिफाफे दिए जाते हैं। पेपर कॉलेज से आने वाले ऑर्थराइज्ड व्यक्ति को ही दिया जाता है। उन्हें भी पूरी रिसिप्ट के साथ पेपर दिया जाता है।
विश्वविद्यालय से जुड़े जानकारों के अनुसार सरकारी और निजी कॉलेजों के परीक्षा परिणामों की तुलना में सामान्यत: सरकारी कॉलेजों का परिणाम बेहतर रहता है। इसका एक प्रमुख कारण सरकारी कॉलेजों में बेहतर मेरिट वाले विद्यार्थियों का प्रवेश लेना माना जाता है।
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बदलाव किए गए हैं। प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को अब हार्ड काॅपी के स्थान पर पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। इसमें कॉलेेजों को आधा घंटा पहले ईमेल से प्रश्न पत्र भेजते हैं।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने दुर्ग के निजी कृषि महाविद्यालय को नोटिस जारी किया है। परीक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए महाविद्यालय में नियुक्त विवि के पर्यवेक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। दुर्ग के निजी कृषि महाविद्यालय में नियुक्त विवि के पर्यवेक्षकों से दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा जाएगा।
Updated on:
25 Aug 2026 11:31 am
Published on:
25 Aug 2026 11:31 am
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