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10 हजार पौधे बांटे, 125 हेलमेट दिए, गुरुर के जयंत किरी बना रहे बदलाव की नई कहानी

Chhattisgarh Green Hero: बालोद जिले के गुरुर निवासी समाजसेवी और पर्यावरण प्रेमी जयंत किरी पिछले 25 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा के मिशन में जुटे हैं। वे अब तक 10 हजार से अधिक पौधों का निःशुल्क वितरण कर चुके हैं।

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Jun 08, 2026
Chhattisgarh Green Hero
Chhattisgarh Green Hero(photo-patrika)

Chhattisgarh Green Hero: आज के दौर में जहां अधिकांश लोग अपने हर छोटे-बड़े कार्य को सोशल मीडिया पर साझा करने में पीछे नहीं रहते, वहीं बालोद जिले के गुरुर निवासी समाजसेवी और पर्यावरण प्रेमी जयंत किरी पिछले 25 वर्षों से बिना किसी प्रचार-प्रसार के पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा का ऐसा अभियान चला रहे हैं, जिसने हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। पेड़ लगाना उनके लिए सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी है। यही कारण है कि अब तक वे 10 हजार से अधिक फलदार और छायादार पौधों का निःशुल्क वितरण कर चुके हैं। वहीं सड़क सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सहायता और जनसुविधाओं के लिए भी लगातार काम कर रहे हैं।

Chhattisgarh Green Hero: पिता की प्रेरणा से शुरू हुआ हरियाली का सफर

जयंत किरी बताते हैं कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा अपने पिता स्वर्गीय सुंदर लाल किरी से मिली। बचपन से ही प्रकृति के प्रति लगाव था, लेकिन वर्ष 2001 में गुरुर तहसील कार्यालय परिसर में पौधारोपण के साथ उन्होंने इसे मिशन का रूप दे दिया। धीरे-धीरे यह अभियान बढ़ता गया और हजारों पौधे लोगों तक पहुंचने लगे। आज उनके लगाए और वितरित किए गए कई पौधे विशाल वृक्ष बन चुके हैं, जो लोगों और पशु-पक्षियों को छाया, फल और स्वच्छ वातावरण प्रदान कर रहे हैं।

सहयोग पार्क: एक सपना जो आज सुकून का ठिकाना है

गुरुर तहसील कार्यालय परिसर में वर्ष 2001 में स्थापित ‘सहयोग पार्क’ आज हरियाली की खूबसूरत मिसाल बन चुका है। उस समय छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की उपस्थिति में यहां पौधारोपण किया गया था। इस पार्क को विकसित करने में जयंत किरी और उनके परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आज तहसील कार्यालय आने वाले लोग इसी पार्क की छांव में बैठकर राहत महसूस करते हैं। गर्मी के दिनों में यह पार्क प्राकृतिक शीतलता का एहसास कराता है।

10 हजार पौधे बांटे, हरियाली का संदेश घर-घर पहुंचाया

जयंत किरी ने अपने निजी खर्च और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से अब तक 10 हजार से अधिक पौधों का निःशुल्क वितरण किया है। नगर पंचायत, स्कूल, कॉलेज, गौशालाओं, पंचायत परिसरों और मुक्तिधामों में सैकड़ों पौधे लगाए गए हैं। इनमें से कई अब विशाल वृक्ष बन चुके हैं और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि एक पौधा लगाना केवल पेड़ उगाना नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करना है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में निभाई अहम भूमिका

जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में जयंत किरी को ब्लॉक समन्वयक और डिस्ट्रिक्ट प्लांटेशन कमेटी का सदस्य बनाया गया था। उन्होंने इस अभियान को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका कहना है कि जिस तरह हमारे माता-पिता हमें जीवन देते हैं, उसी तरह पेड़ पृथ्वी को जीवन देते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।

सिर्फ पर्यावरण नहीं, समाजसेवा भी है मिशन

जयंत किरी का योगदान केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उन्होंने हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया और अपने खर्च पर लगभग 125 हेलमेट वितरित किए। इसके अलावा दिव्यांगजनों की सहायता के लिए भी वे लगातार सक्रिय हैं। गुरुर, चारामा और धमतरी क्षेत्र के जरूरतमंद दिव्यांगजनों को अब तक 50 से अधिक ट्रायसाइकिल और अन्य सहायक सामग्री उपलब्ध करा चुके हैं।

बिना प्रचार के सेवा करने में विश्वास

आज जब अधिकांश लोग समाजसेवा को प्रचार का माध्यम बना लेते हैं, तब जयंत किरी चुपचाप अपना काम करते हैं। उनका मानना है कि सेवा का असली उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है, न कि प्रसिद्धि हासिल करना। वे कहते हैं, "हमारे पूर्वजों ने हमें स्वच्छ हवा, पानी और हरियाली दी है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इससे भी बेहतर वातावरण छोड़कर जाएं।"

एक व्यक्ति, कई मिशन और समाज के लिए प्रेरणा

25 वर्षों से लगातार चल रहा जयंत किरी का यह अभियान बताता है कि बदलाव के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े इरादों की जरूरत होती है। 10 हजार पौधों से लेकर हेलमेट वितरण और दिव्यांगजनों की मदद तक, उनका हर प्रयास समाज के प्रति जिम्मेदारी का उदाहरण है। हरियाली, सेवा और संवेदनशीलता का यह संगम जयंत किरी को सिर्फ एक समाजसेवी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाता है।

Published on:
08 Jun 2026 05:18 pm