US Bombing History: अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ मोर्चा खोलकर बम बरसाने शुरू कर दिए। इसके जवाब में ईरान भी लगातार बम बरसा रहा है। अमेरिका का दूसरे देशों पर बम बरसाने का रिकॉर्ड बहुत पुराना रहा है। आइए जानते हैं कि अमेरिका ने किन-किन देशों पर कितने बम बरसाए और जानमाल की कितनी हानि हुई?
America Bombing History : अमेरिका और इजराइल ने इरान (US-Israel Attacked Iran) पर 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया। अमेरिका का यह कोई नया कारनामा है। उसका बमबारी से पुराना नाता रहा है। अमेरिका ने पिछले 8 दशकों से ज्यादा समय में दुनिया भर के अलग अलग देशों पर कई युद्धों और सैन्य अभियानों के तहत बड़े पैमाने पर बमबारी की है। अमेरिका द्वारा की इन बमबारी में खुद अमेरिका और विपक्षी देशों की अपार जनधन की हानि तो हुई ही, लेकिन इसके साथ ही और लाखों लोगों की जानें भी चली गईं। आइए जानते हैं अमेरिका ने कहां कितने बम बरसाए और उनसे कितनी जानमाल की क्षति हुई।
US used atomic bomb against Japan 1945 : दुनिया में अमेरिका ने सबसे पहला परमाणु हथियार का इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के खिलाफ किया। जापान में जो परमाणु बम गिराया गया, उसे वैज्ञानिक जे. रॉबर्ट ओपनहाइमर और उनकी टीम ने मिलकर बनाया था। वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर दो परमाणु बम गिराए। पहला बम हिरोशिमा पर 6 अगस्त 1945 को 'लिटिल ब्वॉय' और दूसरा नागासाकी पर 9 अगस्त 1945 को 'फैट ब्वॉय' गिराया गया था। इन दो हमलों में तत्काल लगभग 1.2 लाख लोगों की मौत हो गई। इन बम हमलों के परिणाम के तौर पर कुल मृतकों की संख्या बढ़कर लगभग 2 लाख तक पहुंच गई। यह मानवता के इतिहास में परमाणु हथियार का पहला उपयोग था। जापान के इन दो शहरों में कई पीढ़ियों तक बच्चे किसी न किसी तरह की विकारता या विकलांगता के साथ पैदा होते रहे।
अमेरिका ने इसके बाद कोरियाई युद्ध में काफी बमबारी की। कोरिया (1950–1953) के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका ने उत्तरी कोरिया पर लगभग 6.35 लाख टन बम गिराए। इन हमलों में उत्तरी कोरिया के कई शहर लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गए। बताया जाता है कि उत्तरी कोरिया के शहरों के 85 फीसदी इमारतें नष्ट हो गई थीं। इतिहासकारों के अनुसार इस युद्ध में उत्तर कोरिया में लगभग 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी संख्या नागरिकों की थी।
अमेरिका ने लंबे समय तक वियतनाम पर बमबारी की। वियतनाम युद्ध (Vietnam War 1955–1975) के दौरान अमेरिका ने वियतनाम, लाओस और कंबोडिया पर भारी मात्रा में बम गिराए। वियतनाम पर लगभग 70 से 80 लाख टन बम गिराए गए। लाओस पर करीब 20 लाख टन और कंबोडिया पर लगभग 5 लाख टन बम गिराए गए। लाओस को दुनिया का सबसे ज्यादा बमबारी झेलने वाला देश माना जाता है। इस पूरे युद्ध में लगभग 30 लाख वियतनामी नागरिक और सैनिक मारे गए, जबकि लाओस और कंबोडिया में भी लाखों लोग मारे गए या घायल हुए।
1991 में अमेरिका ने खाड़ी युद्ध (Gulf War) के दौरान इराक पर व्यापक हवाई हमले किए। अमेरिका ने इस युद्ध में इराक के अलग-अलग शहरों पर लगभग 88,500 टन बम गिराए गए। इस युद्ध में इराकी सेना और नागरिकों को मिलाकर हजारों लोगों की मौत हुई। इसके बाद 2003 में इराक से युद्ध (Iraq War) के दौरान अमेरिका ने फिर बड़े पैमाने पर बमबारी की और मिसाइल दागे। लगभग 8 साल चले इस युद्ध में एक अनुमान के अनुसार 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
11 सितंबर 2001 के (9/11 Attack in US ) हमलों के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई शुरू की। इस युद्ध में हजारों की संख्या में एयरस्ट्राइक हुए और 2001 से 2020 के बीच लगभग 80 हजार से अधिक बम और मिसाइल गिराए गए। इस युद्ध में कुल मिलाकर लगभग 1.7 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें सैनिकों के साथ बड़ी संख्या में नागरिक भी मारे गए थे।
1999 में अमेरिका और नाटो NATO ने सर्बिया और उस समय के यूगोस्लाविया पर लगभग 23 हजार बम और मिसाइल गिराए। इन हमलों में लगभग 1,000 से अधिक नागरिकों की मौत हुई और कई शहरों की आधारभूत संरचना को भारी नुकसान पहुँचा।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों की अबतक मौत हो चुकी है। अमेरिका ने पिछले लगभग 80-81 वर्षों में जापान, कोरिया, वियतनाम, लाओस, कंबोडिया, इराक, अफगानिस्तान, सर्बिया, लीबिया और सीरिया जैसे कई देशों में बड़े पैमाने पर बमबारी की है। आज भी इन देशों में कई जगहों पर अनफटे बम और युद्ध के निशान मौजूद हैं, जो यह याद दिलाते हैं कि युद्ध के परिणाम लंबे समय तक समाज और मानव जीवन को प्रभावित करते रहते हैं।