Rajasthan Weather Update: राजस्थान में इस बार अब तक कड़ाके की ठंड ने दस्तक नहीं दी है। ऐसे में हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि हाड़ कंपाने वाली सर्दी कब से पड़ेगी? जानिए इसके बड़े कारण-
Rajasthan Weather Update: जनवरी माह की शुरुआत के बावजूद राजस्थान में कड़ाके की ठंड का असर अब तक देखने को नहीं मिला है। गांव से लेकर शहर तक हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि हाड़ कंपाने वाली सर्दी कब से पड़ेगी? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार देश में 1901 में मौसम का रिकॉर्ड रखे जाने के बाद से वर्ष 2025 अब तक का 8वां सबसे गर्म वर्ष है।
भयंकर सर्दी पड़ने वाला दिसंबर माह भी 2025 में सामान्य से अधिक गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में जनवरी में भी पहले दो सप्ताह को छोड़कर न्यूनतम तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में धूजणी छुड़ाने वाली ठंड पड़ने के आसार कम हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में कम बर्फबारी और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तीव्र शीतलहर नहीं चल रही। पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी होने पर राजस्थान में उत्तर-पश्चिमी दिशा से तेज हवाएं चलने पर ठंड बढ़ जाती है, लेकिन इस बार सर्दी में अब तक ऐसी परिस्थिति नहीं बनी।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पिछले साल ( 2025 ) दिसंबर में पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात बहुत ही कम हुआ। वहीं पश्चिमी विक्षोभ जो कि दिसंबर में वर्षा लाते हैं, वे या तो कमजोर रहे या न के बराबर थे। इसी के चलते मैदानी इलाकों में गलन वाली सर्दी नहीं पड़ रही। हालांकि, हल्की सर्दी और कोहरे का असर बना हुआ है।
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राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दिसंबर में बारिश नहीं हुई, जो कंपकंपाने वाली ठंड नहीं पड़ने का एक और कारण है। आमतौर पर जयपुर में दिसंबर और जनवरी माह में जब सर्दी अपने चरम पर होती है तो न्यूनतम तापमान करीब 6.0 डिग्री सेल्सियस रहता है, लेकिन इस वर्ष न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा।
इस बार पश्चिमी विक्षोभ का असर भी बेअसर रहा, जिससे उम्मीद के मुताबिक मौसम में बदलाव नहीं आया और तेज ठंड या अच्छी 'मावठ' नहीं हो पाई। राजस्थान के सबसे अधिक सर्दी पड़ने वाले फतेहपुर, चूरू, पिलानी और सीकर जैसे क्षेत्रों में भी जहां पिछले वर्षों में न्यूनतम तापमान 2.0 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे गिर जाता था।
इस बार सर्दी में तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। साल 2026 के पहले दिन 1 जनवरी को राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला और जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई।
राजस्थान में सर्वाधिक बारिश बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में 26 मिमी दर्ज हुई है। जयपुर शहर में नए साल के पहले दिन अलसुबह बारिश का दौर चला। बारिश होने से सर्दी का अहसास हुआ।
पिछले 24 घंटे में राजस्थान में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान प्रतापगढ़ में 25.1 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान सिरोही में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया।
राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा आगामी दो से तीन दिन बीकानेर, जयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में सुबह के समय घना कोहरा दर्ज होने की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री गिरावट आने की संभावना है।
पिछले 10 साल (2016-2025) के आंकड़ों के अनुसार, जयपुर में जनवरी माह में सबसे अधिक ठंड 2023 और 2017 में पड़ी, जब न्यूनतम तापमान क्रमशः 3.6 डिग्री सेल्सियस और 3.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं मावठ की बात करें तो 2022 में जनवरी में सर्वाधिक (48.5 मिमी) बारिश दर्ज की गई।
| वर्ष | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | कुल वर्षा (मिमी) |
|---|---|---|---|
| 2025 | 28.0 | 5.6 | 12.7 |
| 2024 | 25.8 | 5.2 | 0.0 |
| 2023 | 25.6 | 3.6 | 29.6 |
| 2022 | 26.0 | 5.5 | 48.5 |
| 2021 | 26.6 | 5.6 | 9.7 |
| 2020 | 26.0 | 5.2 | 0.0 |
| 2019 | 28.1 | 5.0 | 6.6 |
| 2018 | 29.2 | 6.1 | 2.7 |
| 2017 | 28.8 | 3.8 | 21.0 |
| 2016 | 30.0 | 4.0 | 0.0 |
| रिकॉर्ड | 31.7 | -2.2 | 45.2 |
2025 में जयपुर में जनवरी में 12.7 मिमी बारिश हुई थी। राजस्थान के सबसे ठंडे रहने वाले इलाकों में से एक चूरू की बात करें तो पिछले 10 साल (2016-2025) में 2023 में सर्वाधिक ठंड पड़ी।
2016 से 2025 भारत का अब तक का सबसे गर्म दशक रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 भारत में 1901 के बाद से अब तक का 8वां सबसे गर्म साल रहा। 2025 में देश का औसत तापमान सामान्य से 0.28 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 सामान्य से अधिक गर्म रहा। 2025 में हर मौसम में तापमान सामान्य से ऊपर रहा। सर्दी के महीने जनवरी और फरवरी भी अपेक्षाकृत गर्म रहे।
ग्लोबल औसत तापमान की बात करें तो 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष है। इसने 2016 को भी पीछे छोड़ दिया है, जब तापमान सामान्य से 0.54 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया था। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार 2023 और 2024 के बाद 2025 लगातार तीसरा गर्म साल रहा।