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Patrika Interview: ‘हम दिहाड़ी मजदूर, आज भी काम ढूंढना पड़ता है’, 78 साल के अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने पत्रिका से कहा

Actor Rajendra Gupta: ‘हम दिहाड़ी मजदूर हैं, आज भी काम ढूंढना पड़ता है’- 78 वर्षीय अभिनेता राजेंद्र गुप्ता का यह बयान अभिनय की दुनिया की हकीकत बयां करता है। करीब पांच दशक से सिनेमा और टीवी में सक्रिय गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ है।
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Aug 13, 2026
Actor Rajendra Gupta
अभिनेता राजेंद्र गुप्ता (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@ताबीर हुसैन। Actor Rajendra Gupta Interview: अभिनय की दुनिया में करीब पांच दशक का लंबा सफर तय कर चुके 78 वर्षीय अभिनेता राजेंद्र गुप्ता आज भी खुद को संघर्षरत कलाकार मानते हैं। चंद्रकांता के पंडित जगन्नाथ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाले राजेंद्र गुप्ता ने चिडिय़ाघर में केसरी नारायण के किरदार से नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी अपनी अलग पहचान बनाई।

78 की उम्र में भी जारी है राजेंद्र गुप्ता का संघर्ष, बोले- ‘आज भी ऑडिशन देने पड़ते हैं’

मिशन कश्मीर, पान सिंह तोमर, तनु वेड्स मनु और तनु वेड्स मनु रिटर्न्स समेत कई फिल्मों में अपनी अदाकारी की छाप छोड़ चुके अभिनेता ने पत्रिका से बातचीत में नए कलाकारों के संघर्ष और स्टार बनने की जल्दबाजी पर बेबाक बात की। उन्होंने कहा, जो बच्चे आज अभिनेता बनना चाहते हैं और रातों-रात स्टार बनना चाहते हैं, उनसे मैं यही कहूंगा कि अगर रातों-रात स्टार बनना मुझे आता, तो मैं कब का बन चुका होता।

मैं तो अब तक स्ट्रगल कर रहा हूं। अभी भी ऑडिशन देने पड़ते हैं, अभी भी काम ढूंढना पड़ता है। राजेंद्र गुप्ता ने अभिनय को नियमित नौकरी से अलग बताते हुए कहा, हम लोगों का काम दिहाड़ी मजदूर जैसा है। कोई एक दिन का काम होता है, कोई चार दिन, कोई आठ दिन और कभी बीस दिन। बारह महीने की नौकरी नहीं होती। काम मिला तो काम किया, नहीं मिला तो इंतजार किया।

टीवी हो या फिल्म, अभिनेता के लिए फर्क नहीं

टीवी और बड़े पर्दे के अनुभव में अंतर के सवाल पर उन्होंने कहा कि माध्यम भले अलग हों, लेकिन अभिनेता के लिए मूल भावना वही रहती है। उनके अनुसार टीवी दर्शक अपने घर में बैठकर देखता है, जबकि फिल्म को लोग एक साथ बैठकर देखते हैं। दोनों माध्यमों में अभिनेता को अपने किरदार के साथ ईमानदार रहना पड़ता है।

गुप्ता ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी नजर या अभिनय का नजरिया बदला नहीं है। मैं भी वही हूं, मेरे पास भी वही एक आम आदमी की नजर है। आप चलते हुए आदमी को देखते हैं, मैं भी देखता हूं। हम सब दर्शक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा और टीवी बहुत बड़े फलक की चीजें हैं और कलाकार अकेले इन्हें संचालित नहीं करते। चलाने वाले लोग जैसे चाहते हैं, वैसे चीजों को चलाते हैं। अभिनेता उस पूरी व्यवस्था का एक हिस्सा है।

Actor Rajendra Gupta

रातों-रात स्टार बनने की चाह पर बोले

78 साल की उम्र में भी राजेंद्र गुप्ता का अभिनय के प्रति जुनून और संघर्ष यह बताता है कि कलाकार के लिए सीखने और काम की तलाश का सफर कभी खत्म नहीं होता। उनका अनुभव नई पीढ़ी के कलाकारों को संदेश देता है कि रातों-रात स्टार बनने की बजाय मेहनत, धैर्य और अपने किरदार के प्रति ईमानदारी जरूरी है


Updated on:
13 Aug 2026 12:04 pm
Published on:
13 Aug 2026 11:58 am