Real-Time Cyber Security SDN Model: ट्रिपलआईटी (IIIT) रायपुर की रिसर्चर डॉ. लिलिमा जैन ने सॉफ्टवेयर डिफाइंड नेटवर्किंग (SDN) की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक ऐसा उन्नत मॉडल विकसित किया है...
Real-Time Cyber Security SDN Model: डिजिटल युग में जहां एक क्लिक से बैंक अकाउंट खाली होने, यूपीआई ट्रांजैक्शन रुकने और स्मार्ट सिटी जैसी व्यवस्थाएं ठप पड़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा है, वहीं अब इस खतरे को कम करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। ट्रिपलआईटी (IIIT) रायपुर की रिसर्चर डॉ. लिलिमा जैन ने सॉफ्टवेयर डिफाइंड नेटवर्किंग (SDN) की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक ऐसा उन्नत मॉडल विकसित किया है, जो रीयल-टाइम में साइबर हमलों की पहचान कर उन्हें तुरंत रोक सकता है।
सॉफ्टवेयर डिफाइंड नेटवर्किंग (SDN) एक ऐसी तकनीक है जिसमें पूरा नेटवर्क एक केंद्रीकृत कंट्रोल सिस्टम से संचालित होता है। हालांकि यह सिस्टम को आसान और लचीला बनाता है, लेकिन अगर कंट्रोलर हैक हो जाए तो पूरा नेटवर्क प्रभावित हो सकता है। डॉ. जैन का शोध इसी कमजोरी को दूर करने पर केंद्रित है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सुरक्षा को कंट्रोलर तक सीमित नहीं रखती, बल्कि सीधे डेटा प्लेन स्तर पर लागू करती है। इससे साइबर हमलों को नेटवर्क के भीतर ही शुरुआती स्तर पर रोका जा सकता है।
इस मॉडल में क्वांटाइज्ड CNN जैसे लाइटवेट एआई मॉडल का उपयोग किया गया है, जो हाई-स्पीड नेटवर्क में भी तेजी से काम करते हैं। साथ ही, फ्यूजन लर्निंग तकनीक के जरिए हमलों की पहचान अधिक सटीक और मजबूत बनती है।
यह तकनीक सिर्फ साइबर हमलों की पहचान ही नहीं करती, बल्कि तुरंत प्रतिक्रिया देकर उन्हें रोक भी देती है। खासकर DDoS जैसे हमलों को शुरुआती स्तर पर ही निष्क्रिय करने में यह सक्षम है।
इस मॉडल को ट्रिपलआईटी रायपुर की लैब में टोफिनो हार्डवेयर प्रोग्रामेबल स्विच पर टेस्ट किया गया। विभिन्न प्रकार के DDoS हमले उत्पन्न कर इसकी क्षमता को परखा गया, जिसमें यह मॉडल सफल साबित हुआ।
इस तकनीक के आने से आम यूजर्स को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं-
यह तकनीक भविष्य में कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है-