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Santosh Gupta Cycling Record India: 24 दिनों में पूरे भारत की यात्रा कर बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 70 किमी रोज करते हैं सफर, जानें इनकी प्रेरक कहानी

Santosh Gupta cycling record India: बिलासपुर के शिक्षक संतोष गुप्ता ने साइकिलिंग के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव की अनूठी पहल शुरू की है। 24 दिनों में पूरे भारत की साइकिल यात्रा पूरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले संतोष पिछले चार वर्षों से रोज लगभग 70 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपने स्कूल पहुंचते हैं।

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संतोष गुप्ता की प्रेरक साइकिल यात्रा (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Santosh Gupta cycling record India: बिलासपुर जिले से एक प्रेरक और अनोखी पहल सामने आई है, जिसने न केवल युवाओं के लिए एक उदाहरण पेश किया है, बल्कि पूरे भारत में अपने जुनून और लगन के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज करा लिया है। शासकीय प्राथमिक शाला सल्फा, सरगांव में पदस्थ शिक्षक संतोष गुप्ता ने साइकिलिंग के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की मुहिम शुरू की है।

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24 दिनों में भारत यात्रा, रिकॉर्ड बना नाम

संतोष गुप्ता ने 24 दिनों में पूरे भारत की साइकिल यात्रा पूरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपनी जगह बनाई है। यह केवल शौक नहीं, बल्कि एक उद्देश्यपूर्ण अभियान है, जिसमें फिटनेस, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश शामिल है। पिछले चार वर्षों से वे अपने स्कूल तक लगभग 70 किलोमीटर रोज साइकिल चलाकर जाते हैं। यह लंबा सफर उन्होंने अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। समय पर स्कूल पहुंचकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना और युवाओं के लिए उदाहरण पेश करना उनकी आदत बन गई है।

साइकिलिंग को क्रिकेट की तरह बढ़ावा देने की सोच

संतोष का मानना है कि जिस तरह गांव-शहर में हर सप्ताह क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं, उसी तरह साइकिलिंग को भी नियमित प्रतियोगिताओं के माध्यम से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। वे चाहते हैं कि शासन-प्रशासन महीने में कम से कम एक बार साइक्लोथॉन आयोजित करे। उनका यह विचार युवाओं में इस खेल के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है।

उद्देश्य: नशामुक्ति, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण

संतोष गुप्ता ने 5 अप्रैल को 25 किलोमीटर की साइकिल रेस आयोजित की। उनका कहना है कि साइकिलिंग न केवल शरीर को स्वस्थ बनाए रखती है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती है। बढ़ते नशे, बिगड़ती जीवनशैली और महंगे वाहनों की ओर युवाओं के झुकाव को देखते हुए उनकी यह पहल विशेष महत्व रखती है। साइकिलिंग के माध्यम से प्रदूषण कम करने और युवाओं की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का उनका लक्ष्य साफ है।

कोरोनाकाल से शुरू हुई प्रेरणा

संतोष गुप्ता ने बताया कि 2021 के कोरोनाकाल में साइकिलिंग अपनाने के बाद यह उनकी जीवनशैली का अहम हिस्सा बन गया। आज उनकी इस पहल से कई युवा प्रेरित होकर साइकिलिंग को अपना रहे हैं। उनकी मुहिम अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेती जा रही है, जो आने वाले समय में बड़े बदलाव की उम्मीद जगाती है।

संतोष गुप्ता की यह अनूठी पहल यह साबित करती है कि अगर जुनून और उद्देश्य साथ हों, तो छोटी-छोटी आदतें भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। उनके प्रयास ने बिलासपुर और छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत तैयार कर दिया है।

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Updated on:
04 Apr 2026 01:00 pm
Published on:
04 Apr 2026 12:59 pm
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