Patrika Special News

West Bengal Election 2026: चुनाव में महिला नेताओं का फैशन स्टाइल स्टेटमेंट बना चर्चा का विषय

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 का चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। चुनावी जंग में उतरीं सभी पार्टियां एड़ी—चोटी का जोर लगा रही हैं। प्रचार अभियान के बीच कई महिला नेताओं ने अपने वाकपटुता के साथ लुक और फैशन सेंस को लेकर भी काफी सुर्खियां बटोरने में कामयाबी हासिल की है। आइए जानते ऐसी महिला नेताओं के बारे में जानते हैं।

7 min read
Apr 22, 2026
पश्चिम बंगाल चुनाव में ये महिला नेता सुर्खियों में बनी हुई हैं (Photo: IANS)

West Bengal Election 2026: पश्चिमी देशों में राजनीतिक रूप से सक्रिय महिलाएं ट्रेंड के हिसाब से फैशनेबुल लुक में नजर आती हैं। भारतीय राजनीति में राजनेता खासतौर पर फैशन के मामले में आमतौर पर दो कदम पीछे नजर आती रही हैं। हालांकि देश की राजनीति में महिलाओं का हस्तक्षेप बढ़ने के साथ ही वह अपने व्यक्तित्व और प्रस्तुति पर अधिक ध्यान देने लगी हैं और ट्रेंड के अनुसार अपने लुक को ढाल रही हैं। मौजूदा बंगाल विधानसभा चुनाव में किस पार्टी की जीत या हार होगी, इससे इतर यह देखना भी रोचक है कि राजनीति में फैशन और लुक्स (West Bengal's women leaders Fashion and Looks) को लेकर वर्जनाएं टूट रही हैं। आइए पश्चिम बंगाल की उन महिलाओं के बारे में बात करते हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में मतदाओं का ध्यान आकर्षित किया है।

ये भी पढ़ें

Women Reservation Bill: राजनीति में टिकट से लेकर कंपनियों में शीर्ष पदों पर महिलाएं कम, आंकड़ों में जानिए कहां खड़े हैं हम

मणिकतला से पहली बार चुनावी मैदान में उतरीं श्रेया पांडे

पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता साधन पांडे की बेटी श्रेया पांडे (Shrreya Pande) राजनीति में नई नहीं हैं, लेकिन इस चुनाव में वह मणिकतला विधानसभा सीट से पहली बार चुनावी मैदान में हैं। साधन पांडे मणिकतला से कई बार विधायक चुने गए। उनकी मां भी विधायक रह चुकी हैं। इस लिहाज से श्रेया की लड़ाई पिता और माता की विरासत बचाने के तौर पर ​देखी जा रही है। श्रेया शिक्षा और सामाजिक कार्यों में काफी रूचि लेती हैं।

क्यों 2024 में तृणमूल ने श्रेया को नहीं दिया था टिकट?

साधन पांडे की 2022 में मौत के बाद से श्रेया राजनीति में सक्रिय हैं। वर्ष 2024 में मणिकतला विधानसभा उपचुनाव के दौरान तृणमूल ने श्रेया को यह कहते हुए टिकट नहीं दिया था कि उसके पास सक्रिय राजनीति के लिए बहुत वक्त पड़ा हुआ है। पार्टी ने उस समय उनकी मां सुप्ती पांडे को उम्मीदवार बनाया था। वह जीतकर विधायक भी बनीं। श्रेया के खिलाफ भाजपा के तापस रॉय चुनावी मैदान में हैं। तापस रॉय बीजेपी में शामिल होने से पहले तृणमूल कांग्रेस में ही थे।

श्रेया इस वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं

श्रेया पांडे आमतौर पर मीडिया में बहुत अधिक सक्रिय या सुर्खियों में रहने वाली हस्ती नहीं मानी जातीं हैं। हालांकि वह साड़ी पहनने से लेकर फैशन करने की वजह से अक्सर चर्चा में रहती हैं।

क्यों कोयल मल्लिक की रैलियों में युवाओं की फौज पहुंचती है?

कोयल मल्लिक (Koel Mullick) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उम्मीदवार नहीं होने के बावजूद अक्सर चर्चा में बनी रहती हैं। वह तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी हुई है। पार्टी ने उन्हें हाल ही में राज्यसभा सांसद चुना। वह पार्टी के स्टार कैंपेनर हैं। उनकी रैलियों में युवा भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।

बांग्ला फिल्मों की सफल अभिनेत्री हैं कोयल

दरअसल, कोयल मल्लिक पश्चिम बंगाल की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। वे बांग्ला फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं। कोयल मल्लिक ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 2003 में फिल्म नटर गुरु से की थी और इसके बाद वे बंगाली सिनेमा की व्यवसायिक सफल अभिनेत्रियों में शुमार हैं। उनकी हिट फिल्मों में बंधन, शुभो दृष्टि, प्रेमेर कहानी और पागलू हीरो, घाटोघर, रक्तरहस्य और मितिन माशी रही हैं। वह हमेशा क्लासी लुक में नजर आती हैं। वह अपने पेस्टल आउटफिट और हल्के मेकअप के लिए जानी जाती हैं।

विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार से मिली सायोनी को हार

पश्चिम बंगाल की जानी-मानी अभिनेत्री सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) की अब राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बन चुकी है। उन्होंने वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस का दामन थामकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा। बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल से वह चुनाव में 4,487 मतों से हार गईं। उन्हें बाद में तृणमूल कांग्रेस की युवा इकाई (Trinamool Youth Congress) का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। वह सोशल मीडिया और जनसभाओं के माध्यम से पार्टी की नीतियों और विचारों को मुखर रूप से प्रस्तुत करती हैं। वह अपने बयानों को लेकर कई बार विवादों में आई, लेकिन इन सबके बावजूद उनकी लोकप्रियता मे कमी नहीं आई।

लोकसभा चुनाव में ​बीजेपी उम्मीदवार को करारी मात दी

विधानसभा चुनाव में पराजय के बावजूद सायोनी घोष की राजनीतिक सक्रियता और पहचान लगातार बढ़ती रही। वर्ष 2024 में जादवपुर लोकसभा से चुनाव जीतकर वह सांसद बनीं। सायोनी ने बीजेपी के उम्मीदवार अनिर्बान गांगुली को 2,58,201 मतों के भारी अंतर से हराया था। उन्हें 7,17,899 वोट मिले, जबकि अनिर्बान गांगुली को 4,59,698 वोट ही मिले थे।

बड़े से ज्यादा छोटे पर्दे से मिली मकबूलियत

सायोनी की पहली प्रमुख फिल्म नॉटोबोर नॉटआउट (2010) थी, जिसमें उन्होंने सहायक भूमिका निभाई। इसके बाद वे राजधानी एक्सप्रेस (2013) में नजर आईं। इस फिल्म में उनके अभिनय की काफी सराहना की गई। उनकी एकला चलो फिल्म भी काफी पसंद की गई। उन्होंने टेलीविजन धारावाहिकों में काम करके काफी लोकप्रियता हासिल की। जोशीले भाषणों के लिए जानी जाने वाली सायोनी का लुक भी उतना ही आकर्षक है। नो-मेकअप लुक, बड़ी लाल बिंदी, सनग्लासेस और सादगी भरी कॉटन साड़ी पहने हुए जब लोगों के बीच आती हैं तो उनका आत्मविश्वास लोगों को काफी आकर्षित करता है।

सायंतिका बनर्जी बरानगर से चुनाव जीतकर बनीं विधायक

सायंतिका बनर्जी (Sayantika Banerjee) पश्चिम बंगाल की मशहूर अभिनेत्री और उभरती हुई राजनेता हैं। राजनीति में उन्होंने 2021 में तृणमूल पार्टी के साथ जुड़कर सक्रिय राजनीति में भाग लेना शुरू किया। इसी साल विधानसभा चुनाव में बांकुड़ा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहीं और कुछ ही वर्षों के अंदर पार्टी में उनकी पकड़ मजबूत होती चली गई।

(Photo: IANS)

बीजेपी और माकपा उम्मीदवार को दी थी पटखनी

वर्ष 2024 में सायंतिका बनर्जी ने बरानगर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीता और विधायक बनीं। इस चुनाव में उनके खिलाफ चुनावी मैदान में बीजेपी के सजल घोष और माकपा के सायनदीप मित्रा थे। उन्होंने सजल घोष को 8,148 मतों के अंतर से हराया था। इससे उनकी राजनीतिक पहचान और मजबूत हुई और उन्हें पार्टी का भरोसेमंद चेहरा माना जाने लगा। वर्ष 2026 चुनाव में वे बरानगर सीट से TMC की मजबूत उम्मीदवार हैं और उनका मुकाबला मुख्य रूप से BJP और वाम दलों के उम्मीदवारों से है।

सायंतिक का ग्लैमरस और फ्रेश लुक हर किसी का ध्यान अपनी पहले ओर खींचता है। ब्लॉन्ड हाइलाइट्स और ज्यादातर सफेद कपड़े पहनकर वे एक सॉफ्ट और नेचुरल इमेज बनाती हैं।

पर्नो मित्रा ने पहले बीजेपी का दामन थामा, अब टीएमसी की स्टार कैंपेनर

पर्नो मित्रा (Parno Mitra) पश्चिम बंगाल की जानी-मानी अभिनेत्री और सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने 2019 में भाजपा ज्वाइन किया। बीजेपी ने उन्हें 2021 में बरानगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में उतारा। वह तृणमूल कांग्रेस के तापस रॉय से चुनाव हार गईं। तापस ने पर्नो को 36 हजार वोटों के अंतर से हराया था। वर्ष 2026 के विधानसभा को देखते हुए पर्नो ने तृणमूल कांग्रेस का दामन 2025 में थाम लिया। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें मौजूदा चुनाव में कहीं से टिकट तो नहीं दिया, पर उन्हें पार्टी स्टार कैंपेनर के बतौर सभाओं में शामिल कर रही है।

पर्नो मित्रा सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों हिंदूवादी नजरिए पर अपनी राय खुलकर रखती हैं। उन्होंने बंगाली सिनेमा और बंगाली टेलीविजन सीरियल दोनों में अपनी पहचान बनाई है। पर्नो मित्रा का जन्म कोलकाता में हुआ और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग और टीवी धारावाहिकों से की। जल्द ही वे फिल्मों की ओर बढ़ीं और अपनी प्रतिभा से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

उनकी मशहूर फिल्मों में रंजीना आमी आर अश्बो ना, बेडरूम और अपूर पांचाली शामिल हैं। उनका हिंदी फिल्म बेगमजान में निभाए गए किरदार को भी सराहा गया। इन फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्होंने एक संवेदनशील तथा सशक्त अभिनेत्री के रूप में पहचान बनाई। उनकी फिल्मों के विषय ज्यादातर महिला केंद्रित होती हैं। बीजेपी से टीएमसी में आईं पार्नो अपनी स्टाइलिश लुक के लिए जानी जाती हैं। लंबे खुले बाल, हल्का मेकअप और कॉटन साड़ी ही उनकी छवि को सौम्य और आकर्षक बनाती है।

वामपंथी राजनीति का नया युवा चेहरा बन चुकी हैं दिप्सिता

दिप्सिता धर (Dipsita Dhar) पश्चिम बंगाल की एक उभरती हुई युवा वामपंथी नेता और छात्र कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म 1993 में हावड़ा में हुआ। उन्होंने कोलकाता के आशुतोष कॉलेज से भूगोल में स्नातक किया और बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) से एमए, एमफिल और पीएचडी की पढ़ाई की। वे छात्र राजनीति से जुड़ी रहीं और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की ऑल इंडिया जॉइंट सेक्रेटरी भी रही हैं।

दिप्सिता को वामपंथी राजनीति की नई पीढ़ी का प्रमुख चेहरा माना जाता है। वह सामाजिक मुद्दों जैसे शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों पर खुलकर बोलती हैं। पार्टी ने दीप्तिशिता को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दमदम उत्तर विधानसभा से उम्मीदवार बनाया। इस सीट पर उनके खिलाफ TMC की वरिष्ठ नेता और मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य से हो रहा है।

वह वर्ष 2021 में बाली विधानसभा से और 2024 में श्रीरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। उन्हें दोनों ही चुनावों में सफलता नहीं मिली। इस बार वह दमदम उत्तर से मैदान में हैं। दीप्सिता के व्यक्तित्व में अलग किस्म का आकर्षण है। वह साधारण साड़ी या कुर्ता पहनती हैं। वह माथे पर बिंदी और हल्का मेकअप करती हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की फायरब्रांड हैं पामेला गोस्वामी

पामेला गोस्वामी (Pamela Goswami) पश्चिम बंगाल की एक चर्चित युवा राजनीतिक नेता हैं। वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता हैं। पार्टी ने उन्हें फायरब्रांड नेता के तौर पर मौजूदा विधानसभा में पार्टी प्रचार में उतारा है। वर्ष 2021 में एक कथित ड्रग्स मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई, जिसके चलते वह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गई थीं। हालांकि बाद में जांच में उन्हें दोषी नहीं पाया गया। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को 'राजनीतिक साजिश' बताकर सक्रिय राजनीति में वापसी की।

भाजपा युवा मोर्चा की पूर्व सचिव पामेला गोस्वामी अपने आकर्षक व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। वह अक्सर साड़ी या कुर्ता पहने लंबी चोटी या जूड़े में नजर आती हैं।

ये भी पढ़ें

Nari Shakti Vandan Adhiniyam : 33% महिला आरक्षण लक्ष्य के करीब कौन सी पार्टी? महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने में बीजेपी में भी कुछ सुधार
Also Read
View All