Cockroach Janata Party Viral: भारत की बड़ी युवा आबादी के बीच बेरोजगारी बढ़ रही है। युवा आबादी जिनके पास रोजगार तो है लेकिन उनमें रोजगार की गुणवत्ता और अवसर को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी का सोशल मीडिया पर रातोंरात छा जाना युवाओं में असंतोष का एक नमूना हो सकता है। युवाओं को अब यह भी डर सताने लगा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) देश के बड़े स्तर पर नौकरियों को प्रभावित कर सकता है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है। आइए इस परिस्थिति को विस्तार से समझते हैं।
Cockroach Janata Party Viral: भारत में युवाओं की चिंताओं को आवाज़ देने वाला एक पांच दिन पुराना समूह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। यह समूह राजनीति, महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर हास्य के साथ चर्चा करता है और इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स के मामले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी पीछे छोड़ चुका है। आइए समझते हैं कि ऐसा क्या हुआ जो रातोंरात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई सीजेपी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक हफ्ते से भी कम समय में इंस्टाग्राम पर एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1.8 करोड़ फॉलोअर्स हैं। वहीं एक्स पर 6 लाख से ज्यादा लोगों ने सीजेपी के अकाउंट पर रजिस्टर्ड करा लिया था। सीजेपी के दोनों ही अकाउंट पर भारत में रोक लगा दी गई है।
भारत के शीर्ष नेताओं में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) एक्स पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता हैं। उनके बाद कई बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेता आते हैं। उपलब्ध हालिया आंकड़ों के अनुसार सूची कुछ इस प्रकार है। एक्स पर पीएम मोदी के बाद देश के गृहमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इन दोनों नेताओं के बाद आम आदमी पार्टी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 2.7 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जबकि राहुल गांधी के 2.6 करोड़ से ज्यादा। एक्स पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। वह भारतीय नेताओं में एक्स पर तीसरे नंबर पर हैं। हालांकि फॉलोअर्स की संख्या कम, ज्यादा होती रहती है।
सीजेपी के फॉलअर्स इतनी तेजी से बढ़ रहे थे कि ऐसा लगने लगा कि वह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ देगी। हालांकि अब भारत सरकार ने सोशल मीडिया पर बनी सीजेपी पार्टी के अकाउंट पर रोक लगा दिया है।
CJP का लोगो एक मोबाइल फोन पर बने कॉकरोच की आकृति है और यह खुद को 'आलसी और बेरोज़गारों की आवाज़' कहती है। सोशल मीडिया पर इस समूह के 30 वर्षीय संस्थापक अभिजीत दिपके ने रॉयटर्स को बताया कि पार्टी का नाम भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की हालिया टिप्पणी से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोज़गार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी।
हालांकि बाद में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य युवाओं की आलोचना करना नहीं था, बल्कि वे नकली और फर्जी डिग्री रखने वालों की बात कर रहे थे, जिन्हें उन्होंने परजीवी जैसा बताया।
अभिजीत दिपके पिछले दो वर्षों से बोस्टन में रह रहे हैं। उनका कहना है कि यह भारत की राजनीतिक चर्चा को बदलने का आंदोलन है। भारत का युवा मुख्यधारा की राजनीति से लगभग गायब हो चुका है। कोई हमारी बात नहीं कर रहा, कोई हमारी समस्याएं नहीं सुन रहा और न ही हमारे अस्तित्व को स्वीकार करने की कोशिश कर रहा है।
CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर सदस्य ग्राफिक्स और वीडियो साझा करते हैं, जिनमें मीडिया की स्वतंत्रता से लेकर संसद और मंत्रिमंडल की आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। इस समूह ने हाल ही में राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द (NEET 2026) होने के मुद्दे को भी उठाया, जिसका प्रश्नपत्र लीक होने से लगभग 23 लाख छात्र प्रभावित हुए थे।
Gen Z and Millennial Survey : भारत के युवाओं की बढ़ती चिंता इस सप्ताह प्रकाशित डेलॉइट ग्लोबल सर्वे (Deloitte Global Survey) में भी दिखाई दी। सर्वे के अनुसार, भारत की Gen Z आबादी यानी 1995 से 2007 के बीच जन्मे लोग - बेरोज़गारी और महंगाई से बुरी तरह प्रभावित हुई है। सर्वे में कहा गया,'Gen Z युवाओं में आर्थिक तनाव अधिक देखा गया है। बड़ी संख्या में लोग घर खरीदने में कठिनाई और आर्थिक असुरक्षा की बात कर रहे हैं।'
भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और यहां युवाओं की संख्या भी सबसे ज्यादा है। देश की लगभग 1.42 अरब आबादी में से करीब 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वालों में बेरोज़गारी दर 3.1 प्रतिशत थी। लेकिन 15 से 29 वर्ष के युवाओं में यह दर कहीं अधिक, यानी 9.9 प्रतिशत रही। शहरी क्षेत्रों में यह 13.6 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 8.3 प्रतिशत थी।
सर्वे में यह भी पाया गया कि भारत के 54 प्रतिशत Gen Z और 44 प्रतिशत मिलेनियल्स यानी 1983 से 1994 के बीच जन्मे लोग आर्थिक चिंताओं के कारण घर खरीदने जैसे बड़े फैसले टाल रहे हैं। भारत में किए गए इस सर्वे में 806 लोगों को शामिल किया गया था, जबकि वैश्विक स्तर पर 14,000 से अधिक लोगों से राय ली गई।
तिलकामांझी विश्वविद्यालय भागलपुर में हिंदी के पूर्व प्राध्यापक और राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. योगेन्द्र ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी आगे धरती पर आंदोलन करे या न करे। उसके पीछे संभव है कि कोई साज़िश हो और युवाओं के असंतोष से फ़ायदा उठाना चाहता हो। लेकिन इतना तो तय है कि जिस तरह से केंद्र और राज्यों में सरकारें चलाई जा रही हैं, उससे युवा और जनता खुश नहीं है। अगर देश के संसाधनों को इसी तरह उद्योगपतियों के हाथों औने-पौने दाम में सौंपा जाता रहा। अगर सरकारों ने युवाओं, किसानों और मज़दूरों- भूमिहीनों के लिए काम नहीं किया तो युवा पीढ़ी एक दिन राजनेताओं की ऐसी दुर्गति करेंगे कि कोई रक्षा करने नहीं आएगा।
दिपके ने पड़ोसी देशों बांग्लादेश और नेपाल में हुए Gen Z नेतृत्व वाले आंदोलनों से तुलना करने के खिलाफ चेतावनी दी, जहां युवाओं के विरोध प्रदर्शनों ने सरकारों को सत्ता से बाहर कर दिया था। उन्होंने यह बताने से भी इनकार कर दिया कि क्या भविष्य में कोई Gen Z राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना है।
उन्होंने कहा, 'इसमें एक बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदलने की क्षमता है। यह भारत की राजनीति को बदल सकता है।' उन्होंने यह भी कहा,'हम जो भी करेंगे, संविधान के दायरे में रहकर और पूरी तरह लोकतांत्रिक तथा शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। यह नेपाल या बांग्लादेश जैसा नहीं होगा।” दिपके ने बताया कि गूगल फॉर्म के जरिए 4 लाख से अधिक लोगों ने CJP की सदस्यता के लिए आवेदन किया है, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक की उम्र 19 से 25 वर्ष के बीच है।