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Science: विज्ञान और तकनीक में तेजी से बढ़ रही है भारतीयों की रुचि, दुनिया में सिर्फ ब्राजील से हैं हम पीछे

Science In India: भारत में विज्ञान और तकनीक के प्रति बढ़ती रुचि देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। युवा अब सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल नहीं, बल्कि उसे समझने और विकसित करने की सोच रख रहे हैं। युवाओं में यही बदलाव वैश्विक स्तर पर भारत की नई ताकत और पहचान बना रहा है।

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Apr 21, 2026
विज्ञान और तकनीक में तेजी

Science In India: आज के समय में विज्ञान इतनी तेजी से आगे बढ़ चुका है कि जो चीजें कभी सपनों में लगती थीं, वो आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं। मोबाइल से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, हर तरफ विज्ञान और तकनीक का असर दिखाई देता है। अगर कोई पूछे कि दुनिया का सबसे बड़ा हथियार क्या है, तो जवाब सिर्फ परमाणु बम नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक होगा। सुबह उठने से लेकर रात तक हमारी जिंदगी मशीनों, मोबाइल और इंटरनेट के सहारे चलती है। लेकिन इस टेक्नोलॉजी की दौड़ में सबसे आगे कौन है?

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तकनीक की अंधी दौड़ और बदलती दुनिया

विज्ञान और तकनीक हर दिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है। AI अब सिर्फ फिल्मों की चीज नहीं रहा, बल्कि कामकाज से लेकर फैसलों तक असर दिखा रहा है। अंतरिक्ष पर्यटन भी धीरे-धीरे सच बन रहा है। दुनिया के बड़े देश नई खोजों और रिसर्च पर अरबों रुपये खर्च कर रहे हैं। लेकिन किसी भी देश की असली ताकत सिर्फ मशीनें नहीं होतीं, बल्कि वो लोग होते हैं जो नई चीजों को अपनाते हैं। अगर जनता में विज्ञान और तकनीक को लेकर रुचि हो, तभी कोई देश आगे निकलता है। Statista के आंकड़ों के अनुसार कई बड़े और विकसित देशों में लोगों का रुझान कम होता दिखा, जबकि भारत में विज्ञान और नई तकनीक को लेकर उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।

भारत की ऐतिहासिक छलांग

इस रिपोर्ट में 18 से 64 साल के उन लोगों को शामिल किया गया जो तकनीक को अपनी व्यक्तिगत पसंद मानते हैं। इन आंकड़ों को देखते हैं, तो भारत की स्थिति सबसे मजबूत नजर आती है।

ग्लोबल रैंकिंग

देशविज्ञान और तकनीक में रुचि (प्रतिशत)ग्लोबल रैंक (19 क्षेत्रों में)
ब्राजील49%6
भारत47%5
कनाडा33%6
यूनाइटेड किंगडम30%8
चीन29%5
अमेरिका27%9
जर्मनी27%10
दक्षिण कोरिया20%10

साइंस और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी

स्टेटिस्टा (Statista) के रिपोर्ट अनुसार अमेरिका और चीन जैसे देश, जो नई तकनीक और हथियारों में आगे माने जाते हैं, वहां आम लोगों की विज्ञान में रुचि कम होती दिख रही है। अमेरिका में सिर्फ 27% लोग ही साइंस और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखते हैं, जबकि भारत में यह आंकड़ा 47% है। भारत का आम आदमी अब सिर्फ तकनीक इस्तेमाल करना नहीं चाहता, बल्कि उसे समझना भी चाहता है। लोग जानना चाहते हैं कि नई मशीनें कैसे काम करती हैं, रॉकेट कैसे बनते हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) किस तरह जिंदगी बदल सकता है।

सुरक्षा, इलाज और विकास की सबसे बड़ी ताकत

आज के समय में विज्ञान के बिना कोई भी देश सुरक्षित नहीं रह सकता। बीमारी का इलाज ढूंढना हो, अंतरिक्ष में अपनी पहचान बनानी हो या साइबर हमलों से बचाव करना हो, हर जगह विज्ञान की जरूरत है। दुनिया की बड़ी कंपनियां अरबों रुपये इसलिए खर्च कर रही हैं ताकि लोगों का काम आसान हो सके और जीवन बेहतर बनाया जा सके।

भारत में विज्ञान और तकनीक के प्रति बढ़ती रुचि के पीछे कुछ खास कारण

  • भारतीय युवाओं में नई चीजें जानने और सीखने का उत्साह बढ़ा है। इंटरनेट ने उनके लिए दुनिया भर की जानकारी आसान कर दी है।
  • जब भारत अंतरिक्ष में कामयाबी हासिल करता है, तो छोटे गांवों और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भी विज्ञान की ओर रुझान बढ़ता है।
  • अब लोग समझने लगे हैं कि गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से लड़ने में तकनीक सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। भारत के लिए बड़ा अवसरआंकड़ों के अनुसार दक्षिण कोरिया और जर्मनी जैसे देशों में विज्ञान के प्रति रुचि 20% से 27% तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वहां तकनीक इतनी आम हो चुकी है कि लोगों का उत्साह अब कम होने लगा है। लेकिन भारत के लिए यह एक नए अवसर की शुरुआत है। भारत के लोग नई खोजों और तकनीक को पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं, और यही सोच देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

भारत से निकलेंगे नए वैज्ञानिक

भारत का 47% का यह आंकड़ा बताता है कि आने वाले समय में भारत देश से बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शोधकर्ता और डेटा विशेषज्ञ निकलेंगे। हम अब तकनीक के लिए दुनिया पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि ऐसा समय आएगा जब दुनिया हमारी तकनीक का इंतजार करेगी।

भारत में विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है, आप इसे कैसे देखते हैं?

इस सवाल के जवाब में महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस की जीवनी 'द साइंटिफिक सूफ़ी' समेत कई चर्चित पुस्तकों के लेखक डॉ. मेहर वान ने पत्रिका से बताया, 'विज्ञान और तकनीक अब आम जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनके बिना बेहतर और आधुनिक जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। ऐसे में युवाओं की इन विषयों के प्रति बढ़ती रुचि सामाजिक और राष्ट्रीय दृष्टि से बेहद सकारात्मक संकेत है।'

भारत के युवाओं में साइंस और टेक्नोलॉजी के प्रति बढ़ते उत्साह की सबसे बड़ी वजह क्या है?

इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'विज्ञान और तकनीक के प्रति बढ़ते रुझान के पीछे बेहतर संचार माध्यम बड़ी वजह हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए जानकारी अब आसानी से उपलब्ध हो रही है, जिससे युवाओं का झुकाव तेजी से बढ़ा है।'

क्या इंटरनेट और सोशल मीडिया ने विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है?

हां, बिल्कुल। इसका सबसे बड़ा उदाहरण चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण का वीडियो है, जिसे बहुत कम समय में करोड़ों लोगों ने देखा। आज जरूरी जानकारियां मिनटों में जनता तक पहुंच जाती हैं, जबकि पहले अखबार और पत्रिकाओं के जरिए इसमें कई दिन या महीने लग जाते थे।

गांव और छोटे शहरों के बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?

उन्होंने बताया, 'सोशल मीडिया से मिलने वाली जानकारी में अक्सर गहराई की कमी होती है, जिससे अधूरी समझ पैदा होती है। इसलिए युवाओं में विज्ञान को गहराई से समझने की क्षमता विकसित करना जरूरी है। इसके लिए स्कूलों में बेहतर शिक्षा, उच्च स्तर की ट्रेनिंग और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के योजनाबद्ध प्रयास होने चाहिए।'

क्या बढ़ती रुचि भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी?

वह बताते हैं कि आज के समय में अर्थव्यवस्थाएं मूल रूप से विज्ञान तकनीक और इनोवेशन पर निर्भर हैं इसलिए विज्ञान और तकनीक में सिद्धहस्त युवा सुदृढ़ अर्थव्यवस्था की नींव बनेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के लिए अवसर ज्यादा है या खतरा?

उन्होंने बताया, 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 21वीं सदी की सच्चाई है। हर तकनीक के फायदे और चुनौतियां दोनों होते हैं। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हम अपनी युवा आबादी को इस तरह तैयार करें कि वह AI का अधिकतम लाभ उठा सके। इससे डरने की नहीं, बल्कि इसे समझने और सही तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत है।'

भारत के युवाओं के लिए आपका संदेश क्या है?

डॉ. वान ने कहा, 'युवाओं को विज्ञान और तकनीक के अलग-अलग क्षेत्रों में गहराई से ज्ञान हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। भविष्य उन्हीं का होगा जो नई तकनीकों पर अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, वरना बाकी लोग सिर्फ तकनीक के उपभोक्ता बनकर रह जाएंगे।'

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Published on:
21 Apr 2026 01:04 pm
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