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मेनोपॉज से पहले ही हार्मोन थेरेपी पर क्यों बढ़ रही है चर्चा? क्या है ये और कैसे रखेगी महिलाओं को फिट

Perimenopause Hormone Therapy for Bone Health: मेनोपॉज से पहले हॉर्मोन थेरेपी लेने के बारे में पूछ रही महिलाएं, जानना चाहती हैं कैसे करती है काम, कब लेना चाहिए MHT हॉर्मोन थेरेपी, एक्सपर्ट्स से जानिए हड़्डियों और मसल्स को कैसे देगी सुरक्षा? मेनोपॉज की मुश्किलों को करेगी कम...
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Aug 04, 2026
Perimenopause Hormone Therapy for Bone Health
Perimenopause Hormone Therapy for Bone Health: MHT हॉर्मोन थैरेपी से मेनोपॉज में आने वाली मुश्किलें होंगी कम। (AI Creative)

Perimenopause Hormone Therapy for Bone Health: क्या रजोनिवृत्ति (Menopause) आने का इंतजार किए बिना, उससे पहले के दौर यानी पेरीमेनोपॉज (Perimenopause) में ही हार्मोन थेरेपी (Menopause Hormone Therapy-MHT) शुरू कर देनी चाहिए? यह सवाल दुनिया भर में महिलाओं और डॉक्टरों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन रहा है।

हाल ही में प्रकाशित विशेषज्ञ विश्लेषणों और नए क्लीनिकल गाइडलाइंस के अनुसार, सही मरीजों में सही समय पर दी गई Menopause Hormone Therapy (MHT) न केवल गर्मी के दौरे (Hot Flashes) और नींद की समस्या जैसी तकलीफों को कम कर सकती है, बल्कि हड्डियों की मजबूती बनाए रखने और मांसपेशियों के क्षरण (Muscle Loss) को धीमा करने में भी मददगार हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी साफ करते हैं कि यह इलाज हर महिला के लिए नहीं है और इसे केवल डॉक्टर की सलाह पर व्यक्तिगत जोखिम-लाभ का आकलन करके ही शुरू किया जाना चाहिए।

जानिए क्या होता है पेरीमेनोपॉज?

यह वह संक्रमणकाल है जो मेनोपॉज से लगभग 4 से 10 साल पहले शुरू हो सकता है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर लगातार बदलता रहता है। इसके कारण-

  • मासिक धर्म अनियमित होना
  • अचानक गर्मी लगना
  • रात में पसीना आना
  • मूड स्विंग
  • नींद खराब होना
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
  • ऊर्जा में कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

हड्डियों और मांसपेशियों पर क्यों पड़ता है असर?

एस्ट्रोजन केवल प्रजनन से जुड़ा हार्मोन नहीं है। यह हड्डियों के टूटने की गति को नियंत्रित करता है और मांसपेशियों की कार्यक्षमता बनाए रखने में भी भूमिका निभाता है। जैसे-जैसे एस्ट्रोजन घटता है तो सामने आती हैं ये समस्याएं-

  • बोन मिनरल डेंसिटी कम होने लगती है।
  • ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ता है।
  • फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ जाता है।
  • मांसपेशियों का द्रव्यमान और ताकत घट सकती है।
  • इसी वजह से विशेषज्ञ अब पेरीमेनोपॉज के दौरान हड्डियों और मांसपेशियों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।

क्या हार्मोन थेरेपी शुरू कर देनी चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा होना जरूरी नहीं है। वे बताते हैं कि यदि किसी महिला में गंभीर मेनोपॉज संबंधी लक्षण हों, जल्दी मेनोपॉज होने की संभावना हो, ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम अधिक हो, या हड्डियों के कमजोर होने के संकेत हों, तो डॉक्टर MHT पर विचार कर सकते हैं।

लेकिन केवल भविष्य में हड्डियां मजबूत रखने के उद्देश्य से हर महिला को हार्मोन थेरेपी देना सही नहीं माना जाता। फैसला व्यक्तिगत स्वास्थ्य, उम्र, पारिवारिक इतिहास और अन्य जोखिमों को देखकर लिया जाता है।

किन महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए?

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक इन स्थितियों में MHT लेना सही नहीं-

  • स्तन कैंसर का इतिहास
  • रक्त के थक्के (Blood Clots)
  • स्ट्रोक या हार्ट अटैक का इतिहास
  • गंभीर लिवर रोग
  • बिना कारण योनि से रक्तस्राव
  • ऐसे मामलों में डॉक्टर दूसरे विकल्प चुन सकते हैं।

केवल दवा नहीं, लाइफस्टाइल भी जरूरी

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के लिए केवल हार्मोन थेरेपी पर्याप्त नहीं है।

  • नियमित वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
  • पर्याप्त प्रोटीन
  • कैल्शियम और विटामिन D
  • धूम्रपान से दूरी
  • सीमित शराब सेवन
  • स्वस्थ वजन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है

भारत में क्यों महत्वपूर्ण है यह चर्चा?

भारत में महिलाओं की औसत आयु बढ़ रही है। इसका मतलब है कि करोड़ों महिलाएं अपने जीवन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा मेनोपॉज के बाद बिताती हैं। ऐसे में ऑस्टियोपोरोसिस, फ्रैक्चर और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी समस्याएं सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। भारतीय मेनोपॉज सोसायटी की 2026 गाइडलाइन भी कहती है कि 60 वर्ष से कम आयु या मेनोपॉज के 10 वर्ष के भीतर उपयुक्त महिलाओं में जोखिम-लाभ का आकलन कर MHT पर विचार किया जा सकता है।

फैक्ट फाइल

  • पेरीमेनोपॉज: मेनोपॉज से पहले का संक्रमणकाल
  • मुख्य हार्मोन: एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन
  • मुख्य लाभ (चयनित महिलाओं में): लक्षणों में राहत, हड्डियों की सुरक्षा, फ्रैक्चर जोखिम में कमी
  • मुख्य जोखिम: ब्लड क्लॉट, कुछ महिलाओं में कैंसर और स्ट्रोक का बढ़ा जोखिम
  • निर्णय: केवल डॉक्टर की सलाह और व्यक्तिगत जोखिम मूल्यांकन के बाद
  • महिलाओं की जीवनभर होने वाली लगभग 50% हड्डी क्षति मेनोपॉज संक्रमणकाल के आसपास होती है, इसलिए यह समय हड्डियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
  • हार्मोन थेरेपी बंद करने के बाद हड्डियों को मिलने वाली सुरक्षा समय के साथ कम हो सकती है, इसलिए लंबे समय की योजना अलग से बनानी पड़ती है।
  • विशेषज्ञ अब 'वन-साइज-फिट्स-ऑल' की बजाय पर्सनलाइज्ड मेनोपॉज केयर पर जोर दे रहे हैं, यानी हर महिला के लिए इलाज अलग हो सकता है।

पेरीमेनोपॉज में हार्मोन थेरेपी को अब केवल गर्मी के दौरे कम करने वाली दवा नहीं माना जा रहा, बल्कि चुनिंदा महिलाओं में यह हड्डियों और मांसपेशियों की सुरक्षा का भी एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। फिर भी इसे 'सभी महिलाओं के लिए जरूरी इलाज' मानना सही नहीं होगा। सही समय, सही मरीज और विशेषज्ञ की सलाह, यही सुरक्षित और प्रभावी उपचार की कड़ी है।

Updated on:
04 Aug 2026 04:35 pm
Published on:
04 Aug 2026 04:35 pm