
UGC Fake University List 2026: देशभर में उच्च शिक्षा के नाम पर चल रहे फर्जी संस्थानों को लेकर एक बार फिर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने फरवरी 2026 तक की सूची में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की है। इन संस्थानों को डिग्री देने का कानूनी अधिकार नहीं है। ऐसे संस्थानों से मिलने वाली डिग्री न तो सरकारी नौकरी में मान्य होगी और न ही अधिकांश उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए स्वीकार की जाएगी।
इस बार सिर्फ फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची ही नहीं, बल्कि छात्रों को भ्रामक विज्ञापनों और अनधिकृत EdTech साझेदारियों से भी सावधान रहने की सलाह दी गई है। UGC का कहना है कि कुछ संस्थान 100% प्लेसमेंट, आकर्षक पैकेज और त्वरित डिग्री जैसे दावों से छात्रों को भ्रमित कर रहे हैं।
UGC की सूची के अनुसार दिल्ली में सबसे ज्यादा 12 फर्जी विश्वविद्यालय चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 4 संस्थान हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में भी ऐसे संस्थानों की पहचान की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई फर्जी संस्थान अपने नाम में 'नेशनल', 'इंटरनेशनल', 'ओपन', 'डीम्ड', 'ग्लोबल' या 'यूनिवर्सिटी' जैसे शब्द जोड़कर खुद को वैध दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन केवल नाम से कोई संस्था मान्यता प्राप्त नहीं हो जाती। किसी भी विश्वविद्यालय की वैधता का फैसला UGC की मान्यता से ही होता है।
यदि कोई छात्र फर्जी विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त करता है तो, उसे सरकारी भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, विदेश में पढ़ाई और कई निजी कंपनियों में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई मामलों में वर्षों की पढ़ाई और लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी डिग्री अमान्य साबित हो जाती है। UGC ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संस्थानों को डिग्री प्रदान करने का अधिकार नहीं है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही ऑनलाइन शिक्षा और EdTech प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के कारण भ्रामक प्रचार का खतरा भी बढ़ा है। इसी वजह से UGC ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की आधिकारिक जांच अवश्य करें।