
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चूका में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जलाशय में बोटिंग कर रहे सैलानियों के सामने अचानक एक बाघ आ गया। पानी में मौजूद बाघ ने गुर्राते हुए बोट की दिशा में दौड़ लगा दी, जिससे बोट में सवार पर्यटकों में दहशत फैल गई। चीख-पुकार के बीच कुछ क्षणों के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, हालांकि बाघ आधे रास्ते से ही लौट गया और बड़ा हादसा टल गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बोट पर मौजूद लोगों, महिलाओं और बच्चों की घबराई हुई आवाजें सुनाई दे रही हैं। बाघ के अचानक हमलावर अंदाज में आगे बढ़ने से बोट भी डगमगाने लगी, जिससे पलटने का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि नाविक की सूझबूझ और बाघ के वापस लौट जाने से सभी पर्यटक सुरक्षित बच गए।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों और डीएफओ तक पहुंचा दी गई है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी चूका क्षेत्र के आसपास बाघ की मौजूदगी और उसके पदचिह्न (फुटप्रिंट) मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पिछले दिनों चूका पर्यटन स्थल के आसपास बाघों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई थीं। वन विभाग को फुटप्रिंट और वीडियो फुटेज मिलने के बाद सुरक्षा कारणों से चूका में रात्रि विश्राम सेवा बंद कर दी गई थी। 7 मई से बंद यह सुविधा काफी प्रयासों के बाद 14 जून को दोबारा शुरू की गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने पहले ही उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर चूका क्षेत्र में बाघ और अन्य वन्यजीवों की सक्रिय मौजूदगी की जानकारी दी थी। अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित चूका इको-टूरिज्म स्पॉट प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों को करीब से देखने के इच्छुक पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। चूका पीलीभीत शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। पीलीभीत से पूरनपुर और माधोटांडा होते हुए निजी वाहन, टैक्सी या स्थानीय परिवहन के जरिए चूका पहुंचा जा सकता है।
रेल मार्ग से आने वाले पर्यटकों के लिए पीलीभीत जंक्शन सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। स्टेशन से टैक्सी या अन्य वाहनों की सुविधा उपलब्ध रहती है। हवाई यात्रा करने वालों के लिए लखनऊ का चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निकटतम प्रमुख एयरपोर्ट है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा चूका पहुंचा जा सकता है।
शारदा सागर जलाशय, घने जंगल, बोटिंग, सफारी और वन्यजीवों की मौजूदगी चूका को खास बनाती है। हालांकि, पर्यटकों को वन विभाग के सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।