
नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी ( AAP ) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ( Arvind kejriwal ) रविवार को रामलीला मैदान ( Ramlila Maidan ) में तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
शपथ लेने से पहले ही दिल्ली की केजरीवाल सरकार हाशिये पर नजर आई। दरअसल, अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षकों के शामिल होने की बात सामने आई थी।
इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार ( Delhi government ) घेरे में आ गई थी। लेकिन अब सरकार ने अपने फैसले में बड़ा फेरबदल करते हुए शिक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति को निमंत्रण में बदल दिया है।
दिल्ली सरकार की ओर से अब कहा गया है कि रामलीला मैदान में शिक्षकों के प्रवेश दौरान उनकी हाजिरी नहीं लगाई जाएगी।
दरअसल, अब शिक्षकों का शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना स्वैच्छिक कर दिया गया है। आपको बता दें कि केजरीवाल सरकार ने यह फैसला भारतीय जनता पार्टी ( BJP )के विरोध के बाद लिया गया है।
गौरतलब है कि रामलीला मैदान में आयोजि? अरविंद केजरीवाल ?? के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ( DOI ) की ओर से स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को निमंत्रण दिया था।
डीओई के सर्कुलर में कहा गया था कि रामलीला मैदान में शिक्षकों की एंट्री के दौरान हाजिरी भी ली जाएगी।