
चेन्नई. एआईएडीएमके के वरिष्ठ मंत्री सेल्लूर के. राजू ने मंगलवार को दावा किया कि पिछले साल जब अपोलो अस्पताल में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री स्व.जे. जयललिता का इलाज चल रहा था तो उनके साथ पार्टी के अन्य मंत्रियों ने अस्पताल में अम्मा से मुलाकात की थी। यहां संवाददाताओं से वार्ता में उन्होंने इस बात का दावा किया। सेल्लूर राजू ने अपनी इस टिप्पणी से पर्यावरण मंत्री श्रीनिवासन की उस टिप्पणी का खंडन किया, जिसमें उन्होंने लोगों से माफी मांगते हुए कहा था कि अम्मा के स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने झूठ बोला था। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मदुरै में जनसभा को संबोधित करते हुए श्रीनिवासन ने मांफी मांगते हुए कहा था कि उन्होंने झूठ बोला था कि अम्मा ने इडली खाई थी। जबकि सच तो यह है कि शशिकला के परिवार के अलावा किसी को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं थी। इसी बीच राजस्व मंत्री आर.बी. उदयकुमार ने जयललिता के इलाज और निधन पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा इस
मुद्दे पर जब जांच जारी है तो मैं इस पर कुछ नहीं बोल सकता।
ईपीएस और ओपीएस आज जाएंगे दिल्ली
इससे पहले सूत्रों ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री बुधवार को चुनाव चिन्ह पर दावे को अतिरिक्त हलफनामा दायर करने के लिए दिल्ली रवाना होंगे। इसके साथ ही गुरुवार को उन दोनों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की भी उम्मीद है। गौरतलब है हाल ही चुनाव आयोग ने एक नोटिस में कहा था कि जो भी पार्टी चुनाव चिन्ह के विवाद से जुड़ी है, वह आगामी 29 सितंबर तक अपना दावा पेश कर सकती है। जयललिता को 22 सितंबर, 2016 को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, 5 दिसंबर को निधन हो गया। राज्य सरकार ने कल जयललिता की मौत की जांच के लिए जांच आयोग के प्रमुख के रूप में मद्रास उच्च न्यायालय अ अरुमुघस्वामी के सेवानिवृत्त न्यायाधीश का नाम रखा। न्यायिक जांच वर्तमान उप मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम की पूर्व शर्तों में से एक थी।