
उद्धव ठाकरे और संजय राउत (Photo: IANS/File)
Shiv Sena UBT: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में ठाणे और कल्याण की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और कल्याण से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के खिलाफ 2024 लोकसभा चुनाव लड़ने वाली पार्टी की नेता वैशाली दरेकर-राणे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब 'मातोश्री' में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में कल्याण लोकसभा क्षेत्र के कुछ पदाधिकारियों को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के लिए उद्धव ठाकरे ने संबंधित नेताओं और ठाणे-कलवा के अन्य पदाधिकारियों को सोमवार को अपने 'मातोश्री' आवास बुलाया था।
बैठक के दौरान निष्कासन की कार्रवाई को लेकर पदाधिकारियों के दो गुटों के बीच तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और नए चेहरों को जिम्मेदारी देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इसी दौरान भी दोनों पक्षों के बीच उद्धव ठाकरे के सामने ही तीखी कहासुनी हो गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पदाधिकारियों के विवाद से उद्धव ठाकरे नाराज हो गए। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का उदाहरण देते हुए अपने नेताओं को कड़ी फटकार लगाई और अनुशासन बनाए रखने की नसीहत भी दी। इसी बैठक की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि सोमवार शाम वैशाली दरेकर-राणे के महिला जिला संगठन प्रमुख पद से इस्तीफे की खबर सामने आ गई, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं।
वैशाली दरेकर ने 2024 लोकसभा चुनाव में कल्याण सीट से शिवसेना (यूबीटी) के टिकट पर मशाल चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ा था। उनका मुकाबला शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे से था। हालांकि, वैशाली चुनाव नहीं जीत सकीं, लेकिन उन्होंने करीब तीन लाख वोट हासिल कर कड़ी टक्कर दी थी। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने आक्रामक तरीके से प्रचार किया था और स्थानीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई थी।
वैशाली दरेकर ने अपना इस्तीफा सीधे पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि वह पिछले दो वर्षों से महिला जिला संगठन प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के कारण अब पार्टी को पर्याप्त समय और न्याय नहीं दे पा रही हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि इसी कारण वह स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं और पार्टी नेतृत्व से इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया हैं। भले ही वैशाली दरेकर ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया हो, पर उनके इस्तीफे की टाइमिंग कई सवाल खड़े कर रहा है।
Updated on:
04 Aug 2026 09:01 am
Published on:
04 Aug 2026 08:45 am
