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देश में पहली बार किसी राजनीतिक पार्टी ने लिया ऐसा फैसला, जयललिता हमेशा रहेंगी AIADMK की बॉस

AIADMK  ने दिवंगत जयललिता में अटूट आस्था दिखाते हुए उन्हें स्थाई रुप से पार्टी का महासचिव बनाया है। देश में ऐसा दूसरा उदाहरण कहीं देखने को नहीं मिला
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 12 Sep 2017, 8:29 PM IST

jayalalithaa

चेन्नई। तमिलनाडु में अपने नेता के प्रति अंधभक्ति का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। एआईएडीएमके ने दिवंगत जयललिता में अटूट आस्था दिखाते हुए उन्हें स्थाई रुप से पार्टी का महासचिव बनाया है। संभवतया देश में ऐसा दूसरा उदाहरण कहीं देखने को नहीं मिलता। किसी भी राजनीतिक दल का यह पहला निर्णय होगा जिसमें दिवंगत को भी पार्टी में सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया है।


बहुप्रतीक्षित एआईएडीएमके महापरिषद की बैठक में वी. के. शशिकला को अंतरिम महासचिव पद से बर्खास्त करने के साथ सर्वसम्मति से महासचिव पद स्थाईरूप से जयललिता को ही समर्पित कर दिया। महासचिव के अधिकार पार्टी के संयोजक और सह संयोजक के पास होंगे। तत्संबंधी व्यवस्था के लिए पार्टी संविधान में जयललिता को समर्पित कई बदलाव किए गए हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व में मंगलवार को हुई।

एआईएडीएमके महापरिषद की बैठक में 12 प्रस्ताव पारित हुए। पारित प्रस्तावों को पढ़ते हुए राज्यसभा सदस्य आर. वैद्यलिंगम ने बताया कि पार्टी महासचिव के रूप में शशिकला की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया। ऐसे में उनके द्वारा पिछले साल 30 दिसंबर से 15 फरवरी तक के बीच की गई सभी नियुक्ति अमान्य है। पार्टी उपमहासचिव टीटीवी दिनकरण द्वारा नियुक्त सदस्यों की नियुक्ति को भी अमान्य कर दिया।