जम्मू—कश्मीर के वर्तमान राज्यपाल का कार्यकाल 25 जून का समाप्त हो रहा है। ऐसे में केन्द्र नए राज्यपाल की तैनाती के लिए दो नामों पर विचार कर रहा है।
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में भाजपा के पीडीपी से समर्थन वापसी के बाद राज्य में राज्यपाल शासन लागू हो गया है। जिसके साथ ही राज्य में नई सरकार बनने की अटकलों पर भी विराम लग गया है। पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ने के पीछे राष्ट्रहित से जुड़े मुददे बताए हैं, तो वहीं महबूबा ने इसे सिद्धांतों का टकराव बताया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस से हाथ मिला सकती है, लेकिन नई सरकार बनाने को लेकर सभी दलों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जम्मू-कश्मीर का अगला राज्यपाल कौन होगा?
बता दें कि राज्य के वर्तमान राज्यपाल एनएन वोहरा का कार्यकाल 25 जून का समाप्त हो रहा है। ऐसे में नए राज्यपाल के नियुक्त होने तक उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में केन्द्र सरकार आर्मी बैकग्राउंड वाले व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त करना चाहती है। जिसके लिए दो नामों पर विचार किया जा रहा है। इन नामों में सबसे ऊपर सैयद अता हसनैन का नाम है, जबकि दूसरा नाम जीडी बख्शी का है।
सैयद अता हसनैन
सूत्रों का कहना है कि पार्टी हसनैन को जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनाने के पक्ष में है। सैयद अता हसनैन को न केवल राज्य के बारे में बेहतरीन जानकारी है, बल्कि 2010 में संकट के दौरान वह दमदार प्रदर्शन के कारण सुर्खियों में छा गए थे। लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन जो की भारतीय सेना से रिटायर हो चुके हैं अब जम्मू और कश्मीर में जल्दी ही गवर्नर के रूप में भेजे जा सकते हैं। अभी राज्यपाल पद पर स्थापित एन एन वोहरा को केंद्र जल्दी ही कहीं और रवाना करके सैयद अता हसनैन की लाने के प्रयास में है।
गगनदीप बक्शी
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गगनदीप बक्शी (सेना पदक, विशिष्ट सेवा पदक) भारतीय सेना के एक सेवानिवृत अधिकारी एवं लेखक हैं। जीडी बक्शी जम्मू में पैदा हुए थे। बक्शी कश्मीर और पंजाब कई आतंकविरोधी अभियानों का सफल नेतृत्व कर चुके हैं। कारगिल आॅपरेशन में बेहरत प्रदर्शन करने के लिए उनको विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।