
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव को बेशक अभी करीब आठ महीने का वक्त है, लेकिन सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ( Arvind kejriwal ) ने दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर का ऐलान किया, तो मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत ( Ayushman Bharat Yojana ) से आप सरकार को घेरने लगी। केंद्र में दोबारा पीएम मोदी की सरकार बनने के बाद बीजेपी ने 'आयुष्मान भारत’ को तूल देना शुरु कर दिया है।
दिल्ली में पहले से ही अच्छी योजनाएं: केजरीवाल
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के खत का जवाब देते हुए केंद्र सरकार पर तंज कसा है। केजरीवाल ने कहा है कि जब दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं आयुष्मान भारत योजना से 10 गुना बेहतर हैं, तो इसे लागू करने की जरुरत ही क्या है। आम आदमी पार्टी के चीफ केजरीवाल ने खत में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत और दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य योजना की तुलना की है।
लाखों मरीज दूसरे राज्यों से आते हैं दिल्ली: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली से सटे हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 'आयुष्मान भारत’ योजना लागू है। इसके बावजूद दोनों राज्यों से लाखों मरीज इलाज के लिए दिल्ली आते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार क्यों दिल्ली के लोगों को अच्छे और निःशुल्क इलाज से वंचित रखना चाहती है?
‘आयुष्मान भारत’ से खुलेगा दिल्ली का द्वार?
दरअसल नए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने चार्ज संभालते मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत’ पर काम करना तेज कर दिया। तेलंगाना, ओडिशा, दिल्ली और पश्चिम बंगाल को छोड़ अधिकांश राज्यों में इस योजना को लागू किया जा चुका है। हर्षवर्धन चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर आयुष्मान भारत लागू करने की अपील की। लेकिन दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ( Satyendra Jain) ने साफ कर दिया कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं की जाएगी। जैन ने भी कहा कि अगर आयुष्मान भारत बेहतर है, तो दूसरे राज्य मरीजों को दिल्ली क्यों भेजते हो। ये योजना सिर्फ कागजों में ही अच्छी लगती है।
क्या है राजीनितक गणित
दिल्ली में प्रचंड जीत के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में काबिज है। दिल्ली सरकार राज्य में मोहल्ला क्लीनिक नाम से स्वास्थ्य योजना चलाती है। पिछले तीन-चार सालों में 1000 से भी ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक खोले गए हैं। दुनिया के कई देशों ने इसके लिए केजरीवाल सरकार की तारीफ की है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार 'आयुष्मान भारत’ योजना चला रही है। लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद केजरीवाल कम से कम दिल्ली में अपनी सरकार बचाना चाहते हैं। अब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केजरीवाल दिल्ली में केंद्र की आयुष्मान भारत लागू कर बीजेपी को कोई भी मौका नहीं देना चाहते हैं।