
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की मिली करारी शिकस्त के बाद से ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस हार की जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद छोड़ने पर तुले हैं। हालांकि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने में भी जुटे हैं लेकिन राहुल गांधी की ओर से अब तक सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। इस बीच जो बड़ी खबर सामने आ रही है वो ये कि कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेर खां ने अध्यक्ष बनने का दावा किया है। इस संबंध में उन्होंने राहुल गांधी को पत्र भी लिखा है। इस पत्र का लहजा तो यही कहता है कि किसका है तुमको इंतजार...मैं हूं ना...
असलम ने ये रखा तर्क
कांग्रेस अध्यक्ष शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर वायनाड पहुंचे। यहां उन्होंने 4 लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल की थी। ऐसे में जनता का धन्यवाद करने वे वायनाड पहुंचे लेकिन उन्हें क्या पता था उनके यहां आने के बीच एक बड़ा बयान उनका इंतजार कर रहा है। राहुल के वायनाड के पहुंचने के बीच ही कांग्रेस के ही नेता असलम शेर खां ने बड़ा बयान दे दिया। असलम खां ने कांग्रेस अध्यक्ष बनने की मंशा जाहिर की है। इसके पीछे असलम खान ने तर्क दिया है कि अगर राहुल गांधी चाहते हैं कि पार्टी में कोई गैर कांग्रेसी अध्यक्ष बने तो मैं इसके लिए तैयार हूं।
अब आ गया है वक्त
आपको बता दें कि असलम शेर खां एक हॉकी खिलाड़ी रह चुके हैं। असलम मलेशिया के कुआलालंपुर में 1975 में इंडियन हॉकी टीम के सदस्य रह चुके हैं। असलम शेर खां ने कहा कि उन्होंने यह प्रस्ताव उनके एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और राजनेता दोनों के तौर पर अनुभव के आधार पर किया है।
असलम ने बाकायदा इसको लेकर एक पत्र राहुल गांधी के नाम लिखा है। इस खत में उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस को इस वक्त साहस की जरूरत है। इसके लिए किसी को आगे आना होगा। यही वजह है कि मैंने राहुल को पत्र लिखा है। अगर राहुल खुद ही पार्टी अध्यक्ष बनना चाहते हैं तो ठीक है। लेकिन अगर वो पद छोड़कर किसी गैर कांग्रेसी को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं तो मैं इसके लिए तैयार हूं।
अस्थायी अध्यक्ष बनने को तैयार
असलम के लिखे पत्र में ये भी लिखा गया है कि 'मैं समयबद्ध दो साल के लिए अस्थायी कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने और अपनी सेवाएं देने को तैयार हूं।'
आपको बता दें कि जब राहुल गांधी ने कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में अपने इस्तीफे की पेशकश की, तो देशभर से आए नेताओं ने उन्हें मनाने की पूरी कोशिश की। यही नहीं राहुल से ये अपील भी की गई कि वे इस पद ना सिर्फ बने रहें बल्कि कांग्रेस की आगामी रणनीति को तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएं। कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी कहा था कांग्रेस को राहुल के नेतृत्व की जरूरत है। हालांकि राहुल गांधी ने साफ संकेत दिए थे कि जल्द ही नया अध्यक्ष नियुक्त किया जाए।