
Gen-Z वोट बैंक पर बीजेपी की नजर (फोटो सोर्स- AI)
रायपुर@संतराम साहू। Assembly Election 2028: आगामी चुनावी रणनीति और युवा मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने के उद्देश्य से भाजपा ने अब जेन-जी को साधने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने अपने युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सक्रिय करने की रणनीति बनाई है। संगठन स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें युवाओं के बीच केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, रोजगार, स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, कौशल विकास और शिक्षा से जुड़ी नीतियों को पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेशभर के जिलों में भाजयुमो और एबीवीपी को कैंपस संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। छात्र-छात्राओं के साथ संवाद, परिचर्चा, सदस्यता अभियान और युवा सम्मेलन आयोजित कर उन्हें भाजपा की विचारधारा और सरकार की उपलब्धियों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
खासतौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को पार्टी का प्राथमिक लक्ष्य माना जा रहा है। फिलहाल भाजयुमो ने बस्तर से सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए बड़ी संख्या में युवाओं को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। वहीं, एबीवीपी भी विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और छात्र आंदोलनों के बाद युवाओं के मुद्दे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गए हैं, जिसे देखते हुए भाजपा संगठनात्मक स्तर पर युवाओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करने में जुटी है।
भाजपा का मानना है कि यदि युवाओं को सरकारी योजनाओं और संगठनात्मक गतिविधियों से सीधे जोड़ा जाए तो इसका लाभ आने वाले चुनावों में मिल सकता है। यही कारण है कि प्रदेश संगठन ने भाजयुमो और एबीवीपी को सिर्फ सदस्यता तक सीमित न रखकर उन्हें सरकार और युवाओं के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
Updated on:
27 Jul 2026 07:33 am
Published on:
27 Jul 2026 07:33 am
