19 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG News: कांग्रेस नेता की शिकायत पर खुला 29.62 लाख का शिक्षा घोटाला, गिरफ्तारी हुई, लेकिन ‘बड़े नाम’ अब भी बच गए?

Bilaspur News: कोटा के शिक्षा विभाग में सामने आए 29.62 लाख रुपये के कथित गबन मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी तो हो चुकी है...

2 min read
Google source verification
घोटाला (photo-unsplash)

घोटाला (photo-unsplash)

CG News: शिक्षा विभाग में करीब 29.62 लाख रुपए के कथित गबन मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी तो कर ली है, लेकिन जांच की दिशा और दायरे को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां एक आरोपी सलाखों के पीछे है, वहीं दूसरे की तलाश जारी है और शिकायत में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से मामला और गर्मा गया है।

थाना कोटा पुलिस ने शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय राशि के गबन के मामले में आरोपी देवेंद्र कुमार पालके (38), निवासी धरमपुरा, करगी रोड कोटा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई कांग्रेस नेता अंकित गौरहा की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच के तहत की गई, जिसमें प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की रिपोर्ट पर अपराध दर्ज किया गया था। आरोप है कि शासकीय कर्मचारी रहते हुए आरोपियों ने वेतन और भत्तों में कूट रचना कर सितंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच 29 लाख 62 हजार 222 रुपए का गबन किया।

CG News: संदिग्ध बड़े अफसरों की अनदेखी

शिकायत में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा एवं वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर विजय टांडे की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि पूरा वित्तीय घोटाला उनके कार्यकाल में हुआ, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, उन्हें पदोन्नति मिलने की जानकारी से मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

दूसरे आरोपी को तलाश

मामले में दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा, जो लेखपाल/सहायक ग्रेड-02 के पद पर पदस्थ था, अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

फर्जी नियुक्तियों पर भी चुप्पी

शिकायत में तीन फर्जी अनुकंपा नियुक्तियों का मुद्दा भी उठाया गया है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और बाबू सुनील यादव पर आरोप लगे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे यह आशंका गहराने लगी है कि जांच सीमित दायरे में सिमटकर रह न जाए

लड़ाई जारी रहेगी: अंकित

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने आरोप लगाया कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास हो रहा है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और जब तक सभी जिम्मेदारों पर निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

इससे संबंधित खबरें पढ़े

इस धान खरीदी केंद्र में 46 लाख की गड़बड़ी, 1489 क्विंटल धान गायब- जांजगीर-चांपा जिले के धान उपार्जन केंद्र किरीत में धान खरीदी में लाखों रुपए की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। उपार्जन केंद्र से करीब 1489 क्विंटल धान की कमी बताई जा रही है। जबकि धान खरीदी केंद्र में धान नहीं है। ऐसे में 46 लाख रुपए के धान की हेराफेरी नजर आ रही है। इधर शार्टेज सामने आते ही प्रशासनिक अमले में भी हडक़ंप मच गया है… पूरी खबर पढ़े