
सेंट्रल जेल बिलासपुर में फायरिंग के आरोपियों का वीडियो वायरल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Crime News: सेंट्रल जेल से सामने आए एक वायरल वीडियो ने कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा की हकीकत उजागर कर दी है। जेल में बंद आरोपी न सिर्फ मोबाइल तक पहुंच रखते दिखे, बल्कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर अपना दबदबा भी दिखाते नजर आए।
सेंट्रल जेल बिलासपुर में बंद मस्तूरी गोलीकांड के आरोपियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी ‘सीधा ठोक दू शहर में जो दादा बनता’ गाने पर रील बनाते दिखाई दे रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह वीडियो जेल के मुलाकाती कक्ष में शूट किया गया बताया जा रहा है, जहां मोबाइल ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद वीडियो बनना और फिर सोशल मीडिया तक पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की ओर इशारा करता है।
वीडियो के साथ लिखा गया कैप्शन ‘जल्दी आओ मामा लोग’, आरोपियों के हौसले और उनके सक्रिय नेटवर्क की ओर संकेत करता है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी जेल के भीतर से ही अपने संपर्कों को संचालित कर रहे हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी पूर्व युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत है, जिसने अक्टूबर 2025 में कांग्रेस नेता नीतेश सिंह पर फायरिंग की थी। इस चर्चित मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 10 फिलहाल जेल में हैं, जबकि एक नाबालिग को बाल संरक्षण गृह में रखा गया है।
मामले की जड़ें पुरानी रंजिश से जुड़ी हैं। दो साल पहले हुए हमले का बदला लेने के लिए 28 अक्टूबर 2025 को मस्तूरी में नीतेश सिंह पर करीब 14 राउंड फायरिंग की गई थी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, हालांकि नीतेश सिंह बाल-बाल बच गए थे। इस केस में दो आरोपी नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी फरार हैं, जिससे पुलिस के सामने चुनौती बनी हुई है।
खोमेश मंडावी, अधीक्षक सेंट्रल जेल बिलासपुर के मुताबिक, मुलाकात से पहले आगंतुकों को गेट पर ही मोबाइल जमा कराना अनिवार्य है। हालांकि, कुछ लोग नियमों का पालन किए बिना ही मुलाकात खिडक़ी तक पहुंच जाते हैं। वायरल वीडियो भी मुलाकात खिड़की से पहले लगी लोहे की ग्रिल के पास से ही रिकॉर्ड किया गया है।
बहरहाल अब सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है। मुलाकात के लिए आने वाले सभी लोगों की मेटल डिटेक्टर से अनिवार्य जांच की जाएगी, उसके बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही, मुलाकात खिड़की के बाहर लगी ग्रिल पर ग्रीन नेट लगाने की तैयारी है, ताकि इस तरह के मामलों को रोका जा सके।
Updated on:
12 Apr 2026, 1:44 PM IST
Published on:
12 Apr 2026, 1:44 PM IST
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