देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई इन दिनों विवादों के घेरे में हैं। एजेंसी में छिड़ी लड़ाई के चलते दो अधिकरियों को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है।
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई इन दिनों विवादों के घेरे में हैं। एजेंसी में रिश्वत को लेकर छिड़ी लड़ाई के चलते दो अधिकरियों को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। लेकिन देश में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब सीबीआई के आला अधिकारियों पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई हो। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने भी सीबीआई के तत्कालीन डायरेक्टर त्रिनाथ मिश्रा को पद से हटाया था। दरअसल, यह वाकया नवंबर 1998 का है। उस समय सीबीआई धीरूभाई अंबानी की कंपनी रिलायंस पर रेड डाली थी। 19 नवंबर, 1998 को सीबीआई के संयुक्त निदेशक डीएल लाल की अगुवाई में मुंबई के कफ परेड भवन और दिल्ली के ली मरेडियन होटल पर रेड डाली गई थी।
धीरूबाई ने सीधे पीएम अटल को किया था फोन
असल में उस समय सीबीआई यह पता लगाने के प्रयास में जुटी थी कि क्या भारत सरकार से जुड़ी कोई फाइल रिलायंस के आॅफिस में है या नहीं? दरअसल सीबीआई को सूचना मिली थी कि सरकार के नीतिगत निर्णय से जुड़ी कोई फाइल रिलायंस कंपनी के पास है। कंपनी के ठिकानों पर रेड डालने के बाद सीबीआई ने दावा किया था कि पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़ी कुछ फाइल मौके से बरामद हुईं हैं। हालांकि, रिलायंस ने सीबीआई के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। जानकारी के अनुसार रिलायंस पर रेड के दौरान धीरूबाई अंबानी ने सीधे पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को फोन कर सीबीआई की शिकायत की थी।
जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई से पहले सीबीआई के डायरेक्टर त्रिनाथ मिश्रा ने सरकार को कोई जानकारी नहीं दी थी, जिसके चलते उनको पद से हटा दिया गया था।