
भाजपा का साथ छोड़ना चाहते थे नीतीश? सुलह के लिए प्रशांत किशोर को भेजा था लालू के पास
नई दिल्ली। पिछले जेडीयू में शामिल हुए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि प्रशांत किशोर नीतीश कुमार और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बीच सुलह कराना चाहते हैं? एक रिपोर्ट के अनुसार प्रशांत नीतीश और लालू को मिलाने के लिए तीन बार प्रयास कर चुके हैं। हालांकि आम मुलाकात के नाम पर इन खबरों का खंड़न कर दिया गया है। लेकिन इसके पीछे प्रशांत की मंशा दोनों बड़े नेताओं के बीच बढ़ती दूरियों को कम करना था। आपको बता दें पिछले साल 26 जुलाई केा आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस का महागठबंधन टूट गया था। इस दौरान नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ गठजोड़ कर राज्य में सरकार बना ली थी।
एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार गठबंधन टूटने के 9 महीने बाद नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को लालू प्रसाद यादव के साथ सुलह करने के लिए भेजा था। यही नहीं सूत्रों की मानें तो प्रशांत किशोर ने लालू से मुलाकात करने एम्स तक पहुंचे थे। दरअसल, दोनों के बीच ये मुलाकातें उस समय हुई, जब बिहार में सांप्रदायिक तनाव की खबरों के बाद भाजपा के कई नेताओं पर सवाल उठने लगे थे। इस तरह के एक माले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरजेडी से जुड़े एक सूत्र के अनुसार लालू से मिलने एम्स पहुंचे प्रशांत किशोर ने नीतीश और उनके बीच सुलह को लेकर बात की थी। हालांकि इस संबंध में कोई आमसहमति नहीं बन पाई। इसके साथ ही जुलाई में प्रंशात किशोर ने तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की थी।
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर पिछले कुछ समय से तेजस्वी यादव से मुलाकत का वक्त मांग रहे थे। जिसके चलते 2 जुलाई को दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की। सूत्र के अनुसार प्रशांत के माध्यम से नीतीश ने जेडीयू और आरजेडी का फिर से गठबंधन का आॅफर दिया था।
Published on:
25 Oct 2018, 3:06 PM IST
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