दिल्ली की केजरीवाल सरकार और दिल्ली के उप राज्यपाल (एलजी) के बीच फिर से जंग शुरू हुई है। इस बार विवाद का विषय मोहल्ला क्लीनिक है।
नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार और दिल्ली के उप राज्यपाल (एलजी) के बीच फिर से जंग शुरू हुई है। इस बार विवाद का विषय मोहल्ला क्लीनिक है। आम आदमी पार्टी के 45 विधायक एलजी के सरकारी आवास पर डेरा डालकर बैठ गए और मोहल्ला क्लीनिक योजना की फाइल मंजूर करने की मांग करने लगे। विधायकों ने सात घंटे तक राजनिवास में उपराज्यपाल को घेरे रखा। राजनिवास ने विधायकों के इस व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की है। उपराज्यपाल ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के द्वारा ऐसा व्यवहार अनुचित है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी अनिल बैजल पर मोहल्ला क्लीनिक योजना की फाइल रोकने का आरोप लगाया है।
उप राज्यपाल से मांग रहे हैं 7 महीने का हिसाब
चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा समेत लगभग 45 विधायक एलजी निवास पर पहुंचे। विधायकों का कहना है कि जनता की मांग पर मोहल्ला क्लीनिक की फाइलें पास करवा कर ही जाएंगे। विधायकों का कहना है कि मोहल्ला क्लीनिक की फाइलें पिछले 2 साल से उप राज्यपाल के पास रुकी पड़ी हैं, पर एलजी का कहना है कि वे पिछले 7 महीने का ही जवाब दे सकते हैं। हम भी 7 महीने का ही जवाब मांगने आए हैं।
जनतंत्र संवाद से चलता है, पुलिस से नहीं: अरविंद केजरीवाल
विधायकों ने कहा कि हम दिल्ली की जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं। उप राज्यपाल ने सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स बुला ली थी। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने कहा कि हम तो सिर्फ मोहल्ला क्लिनिक की मांग को लेकर आए हैं। विधायकों के समर्थन में आए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल को संबोधित करते हुए कहा कि जनतंत्र संवाद से चलता है, पुलिस से नहीं। उपराज्यपाल निवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।
मेरे पास मोहल्ला क्लीनिक की कोई फाइल नहीं: अनिल बैजल
मोहल्ला क्लीनिक का काम शुरू करने हो रही देरी को लेकर बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिलने पहुंचे थे। विधायकों ने जब उपराज्यपाल से कहा कि उन्होंने फाइल क्यों रोकी है, तब उपराज्यपाल ने कहा कि उनके पास मोहल्ला क्लीनिक से संबंधित कोई फाइल नहीं है। इतना कहने के बाद जब विधायक भड़क गए तब उपराज्यपाल बैठक से चले गए।