
नई दिल्ली। देश में दो मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में है। एक कोरोना वायरस, जो पिछले कई महीनों से देश को संकट में डाले हुए है। वहीं, दूसरा बिहार चुनाव ( Bihar Election ), जहां सियासी हलचल से राजनीति गरमाई हुई है। बिहार चुनाव में इस बार कई बदलाव देखने को मिले हैं। सियासी उठापठक के बीच कई राजनीतिक रिकॉर्ड भी बन रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल के नेता और लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बेटे तेजस्वी यादव ( Tejashwi Yadav ) ने एक बड़ा और अनोखा राजनीतिक रिकॉर्ड बनाया है। पूर्व क्रिकेट रहे तेजस्वी यादव ने सियासी पिच पर अपने पिता का ही राजनीतिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।
तेजस्वी ने तोड़ा अपने पिता का रिकॉर्ड
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों ताबड़तोड़ प्रचार जारी है। एक चरण का मतदान खत्म हो चुका है, दूसरे चरण के लिए प्रचार का शोर थम चुका है। तीन नवंबर को दूसरे चरण के लिए वोटिंग होनी है। लेकिन, दूसरे चरण के प्रचार में तेजस्वी ने ऐसी पारी खेली, जिसने लालू प्रसाद यादव का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा चुनाव प्रचार करने का रिकॉर्ड लालू प्रसाद यादव के नाम था। लेकिन, तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक दिन में इतनी रैलियां की, जिससे 72 साल के लालू प्रसाद यादव, जिनका तकरीबन 50 साल का राजनीतिक करियर का रिकॉर्ड टूट गया। 30 साल के तेजस्वी ने एक दिन में 19 चुनावी रैलियां कर अपने पिता का रिकॉर्ड तोड़ा है।
लालू के नाम 16 चुनावी रैलियां करने का रिकॉर्ड
लालू प्रसाद यादव के नाम एक दिन में 16 चुनावी रैलियां करने का रिकॉर्ड था। लेकिन, तेजस्वी यादव ने एक दिन में 19 चुनावी रैलियां कर डाली। इनमें 17 चुनावी रैलियां उन्होंने हेलिकॉप्टर के जरिए अलग-अलग इलाकों में जाकर की, जबकि दो चुनावी रैलियां उन्होंने रोड मार्ग के जरिए की। यहां आपको बता दें कि इस बिहार चुनाव से लालू प्रसाद यादव पूरी तरह नदारद हैं और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने आरजेडी की ओर मोर्चा संभाल रखा है। हालांकि, राजनीतिक क्षेत्र में तेजस्वी यादव की महज यह दूसरी पारी है।
'तेजस्वी की दूसरी पारी'
इससे पहले तेजस्वी यादव 2015 विधानसभा चुनाव लड़े थे और पहली पारी में ही वह बिहार के डिप्टी सीएम बन गए थे। लेकिन, पिछले पांच साल में उन्होंने बिहार के सियासी गलियारों में जमकर धूल फांकी और पसीने बहाए। तेजस्वी यादव लगातार अपने पिता की जगह को भरने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा, महागठबंधन की ओर से उन्हें सीएम कैंडिडेट भी बनाया गया है। इतना ही नहीं तेजस्वी यादव भी इस बार कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। लिहाजा, एक दिन में 12 से 15 चुनावी रैलियां कर रहे हैं। आलम ये है कि लोगों के बीच उनकी चमक और धमक दोनों बढ़ रही है। शायद इसी का परिणाम है कि उन्होंने महज 30 साल की उम्र में ही तेजस्वी यादव ने अपने पिता का यह अनोखा राजनीतिक रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब देखना ये है कि जिस तरह तेजस्वी यादव ने अपने पिता का रिकॉर्ड तोड़ा है, उससे बिहार के चुनाव में उन्हें जीत मिलती है या फिर कोई और परिणाम सामने आता है।