नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव ( bihar assembly election ) में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( NDA ) को मिले जनादेश के बाद रविवार को नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) ने राज्यपाल फागू चौहान ( Governor Fagu Chauhan ) से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था लेकिन भारतीय जनता पार्टी नेताओं के अनुरोध पर मैंने सीएम पद स्वीकार किया। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में 125 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त कर चुके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( NDA ) के नवनिर्वाचित विधायकों की रविवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नेता चुना गया है।
मुझसे सीएम पद स्वीकार करने की अपील
बिहार की राजधानी पटना में विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि मैं चाहता था कि इस बार बिहार का मुख्यमंत्री भाजपा का बने, लेकिन उन्होंने मुझसे सीएम पद स्वीकार करने की अपील की। जिसके बाद मैंने उनके अनुरोध पर मुख्यमंत्री पद स्वीकार कर लिया। वहीं, रविवार को ही पटना में हुई राजग की बैठक के दौरान सुशील मोदी को विधानमंडल के नेता के रूप में चुना गया। 0राज्यपाल से मिलने के बाद मीडिया से बात कर रहे नीतीश कुमार ने कहा कि सोमवार को दिन के चार-साढे चार बजे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा, बिहार को विकास के रास्ते पर आगे ले चलना है और सबको मिलकर काम करना है।
नीतीश कुमार को राजग विधायक दल का नेता
मंत्रियों के नामों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। अब आगे सबकुछ तय कर लिया जाएगा। सुशील कुमार मोदी के उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके पहले राजग के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में नीतीश कुमार को राजग विधायक दल का नेता चुन लिया गया। पटना में जनता दल (युनाइटेड), भाजपा, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नव निर्वाचित विधायकों ने एक संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से राजग विधायक दल का नेता चुना।