
नई दिल्ली। दक्षिण में अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही भारतीय जनता पार्टी ने तेलंगानाविधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बंडारू दत्तात्रेय की मौजूदगी में भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी किया। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने तेलंगाना में सात दिसंबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति ने हर साल एक लाख गाय मुफ्त बांटने की बात की थी। भाजपा की चुनाव घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष एनवीएसएस प्रभाकर ने कहा था कि गांवों में त्योहारों और अन्य अवसरों पर उन लोगों को गायें बांटे जाने का प्रस्ताव है, जो इसकी मांग करेंगे।
इस घोषणा पत्र में महिलाओं, किसानों और युवाओं पर विशेष फोकस किया गया है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र को 58 से बढ़ाकर 60 करने का वादा भी किया गया है। इसके अलावा पेट्रोलियम पदार्थों और मेट्रो के किराए में कमी का भी वादा किया गया है।
इससे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को आड़े हाथों लेते हुए तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया था। अमित शाह ने तेलंगाना की टीआरएस सरकार और कांग्रेस पर बुधवार को अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राज्य विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र मुख्य तौर पर मुसलमानों के कल्याण पर केंद्रित है।
एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा था कि टीआरएस सरकार ने सरकारी नौकरियों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में मुसलमानों का आरक्षण बढ़ाने का फैसला किया, नतीजतन आदिवासियों के आरक्षण में बढ़ोतरी का प्रस्ताव बाधित हुआ। शाह ने वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर हर गांव में तेलंगाना मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। भाजपा प्रमुख ने कहा कि अगर गोंड नेता कोमराम भीम निज़ाम के शासन के खिलाफ विद्रोह नहीं करते तो उन्हें आदिलाबाद आने के लिए पासपोर्ट की जरूरत होती।