
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चल रही जद्दोजहद अब तक खत्म नहीं हुई है। लगातार सियासत के संकट में नए और रोचक मोड़ सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत का केंद्र शिवेसना-एनसीपी से मुड़कर भारती जनता पार्टी पर आ पहुंचा।
शनिवार को मुंबई में बीजेपी ने एक बार फिर बड़ी बैठक आयोजित की। इस बैठक में देवेंद्र फडणवीस, चंद्रकांत पाटिल समेत प्रदेश के तमाम बड़े नेता शामिल हुए। बैठक में एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने के फॉर्मूले पर चर्चा शुरू हुई।
आपको बता दें कि शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की तिकड़ी की खिचड़की के बीच एक बार फिर बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा किया है। चंद्रकांत पाटिल हों या फिर देवेंद्र फडणवीस लगातार ये कह रहे हैं प्रदेश में स्थिर सरकार बीजेपी ही बनाएगी।
MLA पर नजर
शिवेसना और एनसीपी को अब भी ये डर सता रहा है कि बीजेपी उनके एमएलए को खरीदने में जुटी है। यही वजह है कि एक हफ्ते से शिवसेना ने अपने सभी विधायकों को एक फॉर्म हाउस में ही रखा है और लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।
इस बीच एनसीपी ने भी डर जाहिर किया है बीजेपी उनके भी विधायकों को खरीदने की कोशिश में जुटी है।
कौन बनाएगा सरकार
महाराष्ट्र में इस बार सरकार गठन ना सिर्फ चुनौती बना बल्कि प्रतिष्ठा विषय भी बन चुका है। शिवसेना की तिकड़ी में कांग्रेस अब भी पेच फंसाकर बैठी है। हालाकि शनिवार को तीनों दलों के नेता राज्यपाल से मुलाकात कर प्रदेश की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगे।
माना जा रहा है रविवार को तीनों दल सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। हालांकि इसको लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
उधर..बीजेपी भी लगातार जोड़-तोड़ में जुटी है कि वो सरकार बनाकर अपनी ताकत का एहसास करा दे। बताया जा रहा है कि इस बैठक के बाद बीजेपी प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।