
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही राम मंदिर निर्माण का मुद्दा बड़े सियासी मुद्दों में से एक था । 2014 आम चुनाव के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी यह मुद्दा उसी तरह सुर्खियों में बना हुआ है। लोकसभा चुनाव होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों के लिए यह मुद्दा फिर से गरमाया हुआ है। अयोध्या राम मंदिर निर्माण को लेकर तो रोज ही राजनीतिक पार्टियों के बयान सामने आते हैं । लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अपने बयानों से अक्सर चर्चा में रहने वाले सुब्रमण्यन स्वामी ने राम मंदिर को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है।
चुनाव के बाद जरूर बनेगा मंदिर
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने राम मंदिर को महात्मां गांधी के स्वाराज आंदोलन से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बन कर रहेगा, देर से ही लेकिन मंदिर बनेगा जरूर। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘लोकसभा चुनाव 2019 से पहले राम मंदिर ना बनाएं तो इससे निराश नहीं होना चाहिए। चुनाव के बाद मंदिर वहीं बनाएंगे जिस जगह पर रामलला विराजमान हैं।’
राम मंदिर को स्वराज आंदोलन से जोड़ा
बीजेपी नेता ने राम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार के विधेयक न लाने पर भी टिप्पणी की। स्वामी ने कहा कि इसमें निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने 1929 में एक साल के अंदर स्वराज दिलाने को कहा था, लेकिन उन्हें यह करने में 17 साल अतिरिक्त समय लगा था। इसलिए राम मंदिर को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। राम मंदिर बनेगा और अपनी ही जगह पर बनेगा यह निश्चित है।
मोदी सरकार ने जमीन क्यों मांगी, नहीं जानता
वहीं, स्वामी ने रामलला की जमीन विश्व हिंदू परिषद को देने का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता किस वजह से पीएम मोदी ने सुप्रीम कोर्ट जाकर जमीन की अनुमति मांगने का फैसला किया। बीजेपी नेता ने कहा कि हो सकता है कि चुनाव में इसके कारण कोई उपद्रव न हो, इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया हो। लेकिन चुनाव के बाद इस पर काम होना तय है।