Corona से जंग जीतने के बात फिर Hospital पहुंचे BJP National Spokesperson Sambit Patra पिछले महीने ही कोविड-19 महामारी को दी थी मात Haryana के Gurugram स्थित Medanta Hospital में रहे थे भर्ती
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश और दुनिया इस महामारी के इलाज के लिए जद्दोजहद कर रही है। हालांकि अब तक इसकी वैक्सीन बाजार में नहीं आई है। हर किसी को कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) का इंतजार है। कोरोना के बढ़ते संकट के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ( Sambit Patra ) कोरोना से जंग जीतने के बाद एक बार फिर अस्पताल पहुंचे।
दरअसल पिछले लंबे समय से दिल्ली समेत अन्य राज्यों की सरकारें कोरोना से जंग जीतने वाले मरीजों से अनुरोध कर रही हैं कि वे अपना प्लाज्मा डोनेट ( Plasma donationa ) करें। इसी कड़ी में बीजेपी नेता भी अस्पताल पहुंचे।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने हाल में कोरोना वायरस को मात दी थी। वे हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती रहे और यहीं पर उन्होंने कोरोना से जंग लड़ी थी। ठीक होने के बाद अब संबित पात्रा ने कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा डोनेट करने के मन बनाया।
बीजेपी नेता संबित पात्रा गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे और अपना प्लाज्मा डोनेट किया।
प्लाज्मा डोनेट करने के बाद संबित पात्रा ने कहा कि मैं भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को साफ मैसेज दिया है कि उन्हें लोगों की सेवा करनी है।
प्लाज्मा डोनेशन की अपील
इसी के चलते सोमवार को मेदांता अस्पताल पहुंचकर अपना प्लाज्मा डोनेट किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों से भी प्लाज्मा डोनेट करने की अपील भी की, ताकी ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।
ये है प्लाज्मा थेरेपी
जब कोई इंसान कोरोना वायरस की चपेट में आता है, तो उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता एंटीबॉडीज बनाती है, जो उस वायरस को खत्म कर देते हैं। ये एंटीबॉडीज उस व्यक्ति के शरीर के प्लाज्मा में पूरी जिंदगी रहते हैं। ऐसे में डॉक्टर कोरोना से ठीक हुए मरीज के खून से प्लाज्मा लेते हैं।
उसके बाद उसे गंभीर मरीजों को दिया जाता है। डॉक्टरों की मानें तो 10 में से 9 मरीज प्लाज्मा थेरेपी से ठीक हो रहे हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी इसी थेरेपी से ठीक हुए।