बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक बार फिर से राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग दोहराई है।
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक बार फिर से राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग दोहराई है। नीतीश ने कहा कि चौथे वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार को विशेष दर्जे की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन अब यह मांग पांचवें वित्त आयोग के समक्ष उठाई जाएगी। जदयू अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में सभी राजनीतिक दलों ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग का समर्थन किया है। इसलिए हम अपनी मांग को मनवाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
विशेष राज्य के दर्जे की मांग उठाते
आपको बता दें कि जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक बार फिर राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग उठाई है। जदयू अध्यक्ष ने सोमवार को कहा कि हम लंबे समय से विशेष राज्य के दर्जे की मांग उठाते आ रहे हैं। हमनें पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। नीतीश कुमार ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा बिहार और यहां के लोगों की जरूरतहै। इसकी सबसे बड़ी जरूरत इसलिए भी है क्योंकि बिहार लगातार आपदाओं से जूझता रहता है।
आपको बता दें कि इससे पहले जनता दल-युनाइटेड (जद-यू) के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग उठाई। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व में कांग्रेस को छोड़कर जद-यू में शामिल हुए अशोक चौधरी ने की। अशोक चौधरी जदयू में शामिल होने से पहले बिहार कांग्रेस इकाई अध्यक्ष हुआ करते थे।