
नई दिल्ली। कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे पर लगातार आक्रमक होती जा रही है। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार में इसको बड़ा मुद्दा बनाया है। वहीं अब एक कदम आगे जाकर कांग्रेस बूथ रक्षक योजना शुरू कर रही है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे पांच लोकसभा सीटों पर शुरू किया जा रहा है। यह वो सीटें हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बेहद मामूली अंतर से चुनाव हारी है।
दरअसल, राहुल वोट चोरी को लेकर मोदी सरकार और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को छोडऩे वाली नहीं है। यही वजह है कि वोट चोरी के लिए चुनाव नतीजों का गहराई से स्कैनिंग कर रही है। पायलट प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान की जयपुर ग्रामीण और अलवर, छत्तीसगढ़ की कांकेर, मध्य प्रदेश की मुरैना और उत्तर प्रदेश की बांसगांव लोकसभा सीट को चुना है। यहां पर कांग्रेस उन बूथों पर रक्षक बना रही है, जहां उसके हार का अंतर कम रहा है।
इन पांच लोकसभा सीटों पर बूथ रक्षक यह जांचेंगे कि किस तरह से मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की गई है। यदि गड़बडिय़ां मिलती है तो पार्टी इसको रोकने के लिए बूथ रक्षक के आइडिया को आगे बढ़ाते हुए आगे के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में लागू कर सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देगी, जिससे वो वोट चोरी पकडऩे, कार्यकर्ताओं को एक पते पर बड़ी संख्या में मतदाताओं, नामों के दोहराव, अयोग्य मतदाताओं की जानकारी हासिल कर सकें।
पार्टी स्थानीय नेताओं को चुनावी प्रक्रिया में फॉर्म 6, 7 और 8 को लेकर दक्ष करने जा रही है। इससे पार्टी कार्यकर्ता मतदाता सूची में अनियमिततात रोकने के साथ अयोग्य व मृत लोगों के नाम हटाने और योग्य लोगों के नाम जोडऩे का काम आसानी से कर सकेंगे।
| लोकसभा सीट | 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का अंतर |
| अलवर | 48282 |
| जयपुर ग्रामीण | 1,618 |
| कांकेर | 1884 |
| मुरैना | 52,530 |
| बांसगांव | 3150 |