कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज ने कश्मीर पर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बयान का समर्थन कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में राजनीतिक घमासान के बीच राज्यपाल शासन लगा हुआ है। राज्यपाल ने अपनी शक्तियों का प्रयोग कर राज्य में शांति स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। घाटी में एनएसजी कमांडो की तैनाती कर दी गई है। इसी उथल पुथल के बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज ने कश्मीर पर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बयान का समर्थन कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
कश्मीरी आवाम चाहती है आजादी: सोफ
एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान सैफुद्दीन सोज ने कहा कि करीब एक दशक पहले परवेज मुशर्रफ का वो बयान आज की तारीख में भी कई मायनों में बिल्कुल सही बैठता है। जिसमें उन्होंने कहा कि था कि अगर कश्मीरी आवाम को मौका मिले तो वह किसी भी देश के साथ जाने के बजाए आजाद रहना ज्यादा पसंद करेगी। हालांकि सोफ ने इसे व्यक्तिगत बयान बताते हुए कांग्रेस का बचाव भी किया है।
मोदी सरकार को सोफ ने दी नसीहत
यूपीए सरकार में पर्यावरण और वन मंत्री रह चुके सैफुद्दीन सोज ने कहा कि 1953 के बाद से देश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार बनी हो, सब ने कश्मीर मुद्दे को लेकर गलतियां की हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अगर मौजूदा सरकार कश्मीर के मुद्दे को सुलझाना चाहती है तो कश्मीरी आवाम के लिए एक ऐसा माहौल बनाना होगा जिसमें वो बेहतर और सुरक्षित महसूस करें।
'अलगावादियों से बात करे केंद्र सरकार'
सोज ने कहा कि केंद्र सरकार को पहले हुर्रितय नेताओं के साथ खुलकर बात करनी होगी। इसके बाद ही मुख्यधरा की राजीनतिक पार्टियों से इस मसले पर कोई बातचीत या सुझाव लेना चाहिए।
रिलीज होने से पहले विवादों में आई किताब
बता दें कि कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने कश्मीर मामले पर किताब लिखी है। Kashmir: Glimpses of History and the Story of Struggle नाम की ये किताब अपने रिलीज होने से पहले ही विवादों में आ गई है। किताब में भी सैफ ने अलगावादियों से बातचीत करने की वकालत की है।