महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन होने के बाद भी सरकार के गठन के लिए रस्साकसी जारी कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना महाराष्ट्र बनाने की पुरजोर तैयारी में जुटे फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के अलावा अन्य कोई दूसरा विकल्प नहीं
नई दिल्ली।महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद भी नई सरकार के गठन के लिए रस्साकसी जारी है। कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना महाराष्ट्र बनाने की पुरजोर तैयारी में जुटे हैं।
वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीनों दलों पर निशाना साधा है। फडणवीस ने कहा कि अगर ये तीनों मिलकर सरकार बनाने में कामयाब होते हैं तो वो सरकार 6 महीने भी नहीं चलने वाली।
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के अलावा अन्य कोई दूसरा विकल्प नहीं है। आपको बता दें कि फडनवीस ने यह बातें उस समय कही जब वह भाजपा विधायकों की बैठक ले रहे थे।
दरअसल, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बाद सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने सरकार बनाने के प्रयास में जुटे हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को तीनों ही पार्टियों के नेताओं ने बैठक की। फिलहाल तीनों पार्टियां न्यूनतम साझा कार्यक्रम के लिए तैयार हैं। वहीं, भाजपा ने चुनाव पूर्व गठबंधन के बाद भी सरकार न बनाने में असमर्थता प्रकट की है।
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कहा कि शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना अन्य दो दलों के साथ सरकार बनाना चाहती है तो वह उसको पार्टी की ओर से शुभकामनाएं भेजते हैं।
आपको बता दें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था।
लेकिन भाजपा ने सरकार बनाने में असमर्थता जता दी थी, जिसके बाद राज्यपाल ने शिवसेना और फिर एनसीपी को आमंत्रण दिया।
इस बीच सरकार न बनाने की स्थिति देख राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्र्ट में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया।