
नई दिल्ली। एनआरसी के मुद्दे पर कांग्रेस ने सीएम ममता बनर्जी के उस बयान से किनारा कर लिया जिसमें उन्होंने कल कहा था कि देश में गृह युद्ध के हालात हैं। उनके इस बयान को लेकर मंगलवार से ही सियासी हलचल तेज है। भाजपा ने इस बयान को लेकर टीएमसी प्रमुख पर चौतरफा हमला बोल दिया है। उसके बाद आज असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रिपुण बोरा ने ममता बनर्जी के बयान से किनारा कर लिया है। इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस एनआरसी के मुद्दे पर फूंक-फूंकर कदम बढ़ा रही है।
सीएम पद की गरिमा को गिराया
असम कांग्रेस के नेता का कहना है कि सीएम बनर्जी का बयान उकसाने वाला है। जबकि असम में एनआरसी लागू होने के बावजूद स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। वहां के लोगों ने एनआरसी को स्वीकार कर लिया है। लोगों एनआरसी के विरोध में नहीं हैं। कांग्रेस ने तो ममता के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। ऐसा कर उन्होंने सीएम पद की गरिमा का भी ख्याल नहीं रखा है। कांग्रेस पार्टी इस तरह के बयान का समर्थन नहीं कर सकती।
क्या कहा था ममता बनर्जी ने
सोमवार को असम में एनआरसी को फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद सीएम ममता बनर्जी ने एनआरसी को भाजपा का षडयंत्र करार दिया था। उनके बयानों से साफ था कि भाजपा सरकार ने विशेष समुदाय के 40 लाख लोगों को एक योजना के तहत अवैध घोषित किया था। उन्होंने कहा था कि वो भाजपा को ऐसा नहीं करने देगी। इस मुद्दे पर कल उनका बयान आया कि एनआरसी की वजह से देश भर में गृह युद्ध के आसार हैं। आज प्रदेश कांग्रेस ने ममता के उक्त्ा बयान से पूरी तरह से खुद को अलग कर लिया है।
भाजपा नेताओं का पलटवार
एनआरसी पर सीएम ममता बनर्जी के बयान और दिल्ली सियासी लामबंदी में सक्रियता को देखकर भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सबसे पहले पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने सरकार बनने पर वहां पर भी एनआरसी लागू करने की घोषणा की। उसके बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, अनंत कुमार, भाजपा सांसद रूपा गांगुली, वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी हमला बोल दिया है। स्वामी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। अमित शाह ने कल राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया कि वो घुसपैठियों को देश से बाहर निकालकर रहेंगे। आज असम क राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने भी एनआरसी को ऐतिहासिक दस्तावेज करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसे देश भर मे लागू करने की जरूरत है।