जेईई और नीट परीक्षा के आयोजन पर मोहर लगाए जाने से कांग्रेस नाराज। मोदी सरकार पर लगाया छात्रों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कदम का आरोप। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने किए चार ट्वीट, राहुल गांधी भी मुखर।
नई दिल्ली। अगले महीने आयोजित होने वाले इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेस एग्जाम को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को मोदी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। इन प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह कदम उठाकर केंद्र सरकार करीब 25 लाख छात्रों के स्वास्थ्य को जोखिम में डाल रही है।
इसे लेकर बुधवार को राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "NEET-JEE परीक्षा में बैठने वाले छात्र अपने स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनके मुद्दे हैं:
-COVID-19 संक्रमण
-महामारी में परिवहन और आवास की कमी
-असम-बिहार में बाढ़ की तबाही।
भारत सरकार को सब पक्षों की बात सुनकर एक सार्थक समाधान निकालना चाहिए।"
वहीं, बुधवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी दलों की ऑनलाइन बैठक बुलाए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किए। सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आयोजित इस बैठक में इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेस प्रवेश परीक्षा टाले जाने को लेकर दायर याचिका खारिज होने की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया गया।
सुरजेवाला ने बुधवार को एक के बाद एक कई ट्वीट्स किए। इन ट्वीट्स में सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वे छात्रों की शिकायतें नहीं सुन रहे हैं। इसके अलावा एक स्वीकार्य समाधान के साथ आने के सुझाव दिए। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "JEE और NEET की परीक्षा सुनिश्चित कर 25 लाख छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। क्यों जिद्दी मोदी सरकार उनकी शिकायतों को सुनने, उन पर विचार करने और सभी के लिए स्वीकार्य समाधान खोजने से इनकार क्यों कर रही है?"
सुरजेवाला ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "क्या मोदी सरकार इस बात की गारंटी देगी कि परीक्षा के दौरान JEE और NEET का कोई भी छात्र कोविड-19 संक्रमण से ग्रस्त नही होगा? कौन-कौन सी सुरक्षा सावधानियां और प्रोटोकॉल रखे गए हैं? कौन देखेगा कि दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल एक खाली कागजी औपचारिकता नहीं बन गए है?"
कांग्रेस प्रवक्ता ने तीसरा ट्वीट करके सवाल पूछा, "बाढ़ प्रभावित बिहार और असम के छात्रों के द्वारा JEE और NEET परीक्षा देने के बारे क्या व्यवस्था है? क्या NEET परीक्षा के लिए बिहार राज्य में केवल 2 केंद्र स्थापित किए गये हैं? क्या इसका मतलब बिहार के छात्रों को अवसर से वंचित करना नहीं है?"
रणदीप सुरजेवाला यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने चौथे ट्वीट में लिखा, "COVID-19 के कारण देशभर में ट्रांसपोर्ट या तो शुरू नहीं हुआ है या सामान्य नहीं हुआ है। पूर्ण सुरक्षा और वापसी के साथ JEE और NEET छात्र गंतव्य पर कैसे पहुंचेंगे? उनके ठहरने आदि की क्या व्यवस्था की गई है? क्या मोदी सरकार ने छात्रों को बग़ैर सोचे समझे अधर में छोड़ दिया है?"