राजनीति

कर्नाटक: सरकार पर भारी पड़ेगा ‘कांग्रेस का हाथ’, मंत्रालयों को लेकर सौदेबाजी का दौर

कर्नाटक में नई सरकार के गठन के लिए कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं के बीच बैठकों का दौर चल रहा है।

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बेंगलुरू। कर्नाटक में बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद अब कर्नाटक में जेडीएस कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। बुधवार को जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

क्या होगा सरकार का स्वरुप

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नई सरकार के गठन के लिए कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं के बीच बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। इन बैठकों में कर्नाटक के डिप्‍टी सीएम और किसके कोटे से कितने मंत्री होंगे, इन अहम् मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। मंत्रालयों के गठन और उनके बंटवारे को लेकर भी सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं। दोनों पार्टियों के नेताओं की कोशिश है कि सरकार के गठन के स्वरुप पर पहले से चर्चा क्र ली जाय ताकि भविष्य में किसी परेशानी से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि किसी भी संभावित मतभेद की स्थिति को टालने के लिए दोनों पार्टियों के शीर्ष नेता लगातार बातचीत कर रहे हैं।

खबरों के मुताबिक जेडीएस और कांग्रेस कि गठबंधन सरकार के लिए 20-13 का फार्मूला सुनिश्चित किया गया हैं। इस फार्मूले के अनुसार कांग्रेस के कोटे से 20 और जेडीएस के कोटे से 13 मंत्री होंगे। मुख्यमंत्री जेडीएस के एचडी कुमार स्वामी होंगे। इस बीच ऐसी अटकलें हैं कि सरकार में कांग्रेस की बड़ी हिस्सेदारी हो सकती है। सरकार गठन के तयशुदा फार्मूले के अनुसार सरकार में कांग्रेस के काम से काम 18 मंत्री होंगे। उपमुख्यमंत्री का पद भी कांग्रेस के पास रह सकता है। कर्नाटक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जी परमेश्वर का नाम सबसे आगे हैं।

रोटेशन को कुमारस्वामी की 'ना'

पहले ऐसी खबरें आ रही थीं कि सीएम का पद जेडीएस और कांग्रेस के बीच रोटेशन में होगा। यानी कुछ समय के लिए सीएम जेडीएस से होगा और कुछ समय के लिए कांग्रेस से । लेकिन सोमवार को एचडी कुमारस्वामी ने इस संभावना को नकार दिया। कुमारस्वामी ने साफ़ कहा है कि वह अगले पांच साल तक कर्नाटक सरकार का नेतृत्व करेंगे। कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बिना शर्त समर्थन ऑफर किया है , लिहाजा अब ऐसी कोई भी शर्त स्वीकार नहीं होगी।

कैबिनेट के संभावित चहरे

माना जा रहा है कि एचडी कुमारस्वामी अपने पास वित्तमंत्रालय भी रख सकते हैं। जबकि गृह मंत्रालय और उपमुख्यमंत्री का पद कांग्रेस के पास जा सकता है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जी.परमेश्वर अब तक इस पद के सबसे सशक्त दावेदार हैं, हालांकि गृह मंत्रालय को लेकर अभी दोनों पार्टियों में जमकर सौदेबाजी होने की उम्मीद है। उधर कर्नाटक में कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले डी.के.शिवकुमार को महत्वपूर्ण ऊर्जा विभाग और पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग दिए जा सकते हैं। कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष लक्ष्मी हेबलकर को महिला कल्याण मंत्रालय मिल सकता जबकि लोकसबाहा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को विज्ञान और तकनीक मंत्रालय मिल सकता है।

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Updated on:
22 May 2018 07:47 am
Published on:
22 May 2018 07:50 am
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