राजनीति

Maharashtra: 10 महीने बाद फिर साथ नजर आए Fadanvis और Ajit Pawar, सियासी गलियारों में चर्चा शुरू

2019 में शपथग्रहण समारोह के 10 महीने बाद साथ नजए आए Devendra Fadanvis और Ajit Pawar Maharashtra के राजनीति गलियारों में शुरू हुआ चर्चाओं का दौर Pune Municipal Corporation के मल्टी स्टोरी Covid-19 Hospital उद्घाटन कार्यक्रम में की शिरकत
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Updated: 28 Aug 2020, 5:56 PM IST
Devendra Fadanavis and Ajit Pawar Appearance together
देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार एक बार फिर साथ नजर आए

नई दिल्ली। महाराष्ट्र ( Maharashtra Politics ) की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ( Maharashtra Assembly Election ) के नतीजों के बाद बीजेपी ( BJP ) ने करीब डेढ महीने के बाद आनन-फानन में सरकार बनाई थी। इस दौरान एनसीपी ( NCP ) नेता अजित पवार ( Ajit Pawar )को डिप्टी सीएम बनाया गया था। उस वक्त बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ( Devendra Fadanvis ) और अजित पवार शपथ ग्रहण के दौरान एक साथ दिखाई दिए थे। हालांकि बाद में ये सरकार अल्पमत में चली गई और ये जोड़ी टूट गई थी।

लेकिन 10 महीने बाद ये दोनों ही नेता एक बार फिर साथ नजर आए हैं। पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और वर्तमान डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) साथ दिखाई दिए। बस फिर क्या था राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को दौर शुरू हो गया।

वर्ष 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद 23 नवंबर को देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने साथ शपथ लेकर राजनीतिक कोहराम मचा दिया था। दरअसल चुनाव में NDA गठबंधन को पूर्ण बहुमत आने के बाद शिवसेना ने खुद को बीजेपी से अलग कर लिया था।

सरकार बनाने को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के यहां कई दावे पेश किए गए। इस बीच अचानक फडणवीस और अजित पवार ने सीएम और डिप्टी सीएम पद की शपथ लेकर हर किसी चौंका दिया था।
हालांकि बाद में शरद पवार के हस्तक्षेप के बाद अजित फिर से एनसीपी में वापस लौटे और शिवसेना की अगुआई वाली सरकार में एक बार फिर उपमुख्यमंत्री बने।

इन सब बातों के करीब 10 महीने बाद एक बार फिर शुक्रवार दोनों नेता साथ दिखाई दिए। पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के मल्टी स्टोरी कोविड-19 अस्पताल का उद्घाटन दोनों नेताओं ने किया। इस दौरान फडणवीस ने अजित की तारीफ भी की। हालांकि शिवसेना को एक बार फिर आड़े हाथों लिया।

आपको बात दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस में एक तरफ जहां शिवसेना मुंबई पुलिस पर भरोसा जता रही थी वहीं अचित पवार के बेटे पार्थ लगातार सीबीआई जांच की मांग पर अड़े थे। यही वजह है कि शरद पवार ने पार्थ को समझाया भी था कि सरकार विरोधी बयानों से बचें।

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