दिग्विजय और ओवैसी ने उठाए बिपिन रावत ( Bipin Rawat ) के बयान पर सवाल नरसंहार ( Massacre ) का नेतृत्‍व करने वाले भी नहीं हो सकते नेता
नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ( AIMIM Asduddin Owaisi ) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ( Congress Leader Digvijay Singh ) ने आर्मी चीफ बिपिन रावत ( Chief of Army Staff Bipin Rawat ) के लीडरशिप वाले बयान पर गंभीर आपत्ति जताई है। बता दें कि आर्मी चीफ बिपिन रावत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि भीड़ को दंगे के लिए भड़काना लीडरशिप नहीं है।
नरसंहार कराने वाले भी नेता नहीं हो सकते
कांग्रेस और एआईएमआईएम ( Congress and AIMIM ) के दोनों नेताओं ने इस बयान के लिए सेना प्रमुख बिपिन रावत को नसीहत दी है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं जनरल साहब की बातों से सहमत हूं। लेकिन नेता वे नहीं हैं जो अपने अनुयायियों को सांप्रदायिक हिंसा के नरसंहार में लिप्त होने देते हैं। क्या आप मेरे से सहमत हैं जनरल साहेब?
मर्यादा को लांघने वाले भी नहीं होते नेता
वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ( AIMIM Asduddin Owaisi ) ने कहा कि लीडरशिप का मतलब ये भी होता है कि लोग अपने ऑफिस की मर्यादा को न लांघे। ये नागरिक वर्चस्व के विचार को समझने और उस संस्था की अखंडता को संरक्षित करने के बारे में है जिसका आप नेतृत्व करते हैं।
सेना प्रमुख बिपिन रावत ( Army Chief Bipin Rawat ) ने कहा कि नेता वो नहीं होते हैं, जो लोगों को गलत दिशा में लेकर जाए। जैसा कि हम देख रहे हैं कि बड़ी संख्या में कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। ये सब हिंसा कर रहे हैं। साथ ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये कोई लीडरशिप नहीं है।